Una Horror Video: हिमाचल प्रदेश के ऊना में हैवानियत, अमरूद तोड़ने पर 6 साल की मासूम बच्ची को रिटायर्ड फौजी ने रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में अमरूद तोड़ने पर एक 6 साल की मासूम बच्ची को बेरहमी से सजा देने का मामला सामने आया है. वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है.
Una Horror Video: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 6 साल की मासूम बच्ची को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने पेड़ से एक अमरूद तोड़ लिया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है. यह भी पढ़े: Andhra Pradesh Shocker: आंध्र प्रदेश में महिला के साथ हैवानियत, चाकू की नोंक पर रेप, प्राइवेट पार्ट में डाली लोहे की रॉड; हालत गंभीर
पूर्व फौजी पर बेरहमी का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना ऊना के एक गांव की है. आरोप है कि एक सेवानिवृत्त सेना कर्मी (रिटायर्ड फौजी) ने बच्ची को अमरूद तोड़ते हुए पकड़ लिया. गुस्से में आकर आरोपी ने बच्ची के दोनों हाथ रस्सी से सीढ़ियों की रेलिंग पर बांध दिए और उसकी पिटाई की. वीडियो में बच्ची डरी-सहमी और कांपती हुई नजर आ रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि बच्ची इतनी सदमे में है कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही है. सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे "अमानवीय" करार देते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. स्थानीय लोगों ने भी एक छोटी सी गलती पर मासूम के साथ किए गए इस व्यवहार की कड़ी निंदा की है.
पुलिस की कार्रवाई और जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊना पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसी बीच, आरोपी का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपने किए के लिए माफी मांगता दिख रहा है. हालांकि, लोगों का कहना है कि माफी से इस अपराध की गंभीरता कम नहीं हो जाती.
बाल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति बढ़ती संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मासूम बच्चों के साथ इस तरह की क्रूरता रोकने के लिए कानूनों का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है. फिलहाल पुलिस बच्ची के परिजनों और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है.