TCS Nashik Row: टीसीएस नाशिक यौन उत्पीड़न मामले में एचआर पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप, कई कर्मचारी निलंबित और गिरफ्तार
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नाशिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं. कंपनी के एचआर विभाग पर शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप लगा है.
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नाशिक: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) यानी टीसीएस (TCS) ने नाशिक (Nashik) स्थित अपनी यूनिट में यौन उत्पीड़न (S*xual Harassment) और जबरन धर्मांतरण (Forced Religious Conversion) के गंभीर आरोप सामने आने के बाद कई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने टीम लीडर सहित कई वरिष्ठ पदों पर कार्यरत व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. ताजा घटनाक्रम में कंपनी के एचआर (HR) विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में है, क्योंकि कर्मचारियों का दावा है कि पहले की गई शिकायतों को नजरअंदाज किया गया था. यह भी पढ़ें: Nashik MNC S*x Harassment Case: नासिक एमएनसी यौन उत्पीड़न मामला, महिला पुलिसकर्मियों ने अंडरकवर ऑपरेशन में आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा
एचआर विभाग पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप
इस पूरे विवाद में टीसीएस के आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र (Internal Grievance Redressal) पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. कई शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी एचआर विभाग को इन घटनाओं की जानकारी दी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इस कथित निष्क्रियता के कारण अब कंपनी के सुरक्षा मानकों और जवाबदेही की आलोचना हो रही है.
पुलिस जांच का दायरा बढ़ा, अब तक 9 एफआईआर दर्ज
मामले की शुरुआत 25 मार्च को हुई, जब एक युवती ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. उसने आरोप लगाया कि 2022 से 2026 के बीच मुंबई नाका स्थित बीपीओ कार्यालय में उसका उत्पीड़न किया गया.
पुलिस की अपील के बाद अन्य कर्मचारी भी सामने आए और 3 अप्रैल तक कुल नौ एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें से आठ शिकायतें महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न और अनुचित धार्मिक टिप्पणियों से संबंधित हैं, जबकि एक शिकायत एक पुरुष कर्मचारी ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के संबंध में दर्ज कराई है.
गिरफ्तारियां और न्यायिक कार्यवाही
नाशिक पुलिस ने अब तक आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रज़ा मेमन, तौसीफ अत्तर और दानिश शेख सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में एक महिला भी शामिल है.
पुलिस के अनुसार, छह आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है. नाशिक कार्यालय के एचआर मैनेजर को भी पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई. यह भी पढ़ें: TCS Salary Hike 2026: महंगाई के बीच टीसीएस के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, वेतन वृद्धि का ऐलान, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया सैलरी स्ट्रक्चर
टीसीएस का आधिकारिक रुख
टीसीएस ने 12 अप्रैल को बयान जारी कर पुष्टि की कि मामले से जुड़े सभी संबंधित कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह उत्पीड़न और किसी भी तरह के दबाव के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाती है. कंपनी ने जांच में पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है.
यह मामला भारत के आईटी क्षेत्र में कार्यस्थल की सुरक्षा और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि किसी भी संभावित बड़े नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2026 01:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

