Tripura Violence: उनाकोटी में चंदा वसूली को लेकर दो समुदायों में हिंसक झड़प; इंटरनेट बंद और भारी सुरक्षा बल तैनात (Watch Video)
त्रिपुरा में सांप्रदायिक झड़पें (Photo Credits: X/@waqarhasan1231)

उनाकोटी (त्रिपुरा): त्रिपुरा (Tripura) के उनाकोटी (Unakoti)  जिले के कुमारघाट (Kumarghat) उपमंडल में शनिवार को एक स्थानीय मेले (भैरव मेला) के लिए चंदा वसूली (Fundraising) के विवाद ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया. इस घटना में कम से कम 5 से 6 लोग घायल हुए हैं, जबकि कई घरों और दुकानों में आगजनी की खबर है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने कुमारघाट में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटों के लिए निलंबित कर दिया है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है.  पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में संलिप्तता के आरोप में कम से कम 8 से 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है. यह भी पढ़ें: Violence in Nagpur: नागपुर में भड़की हिंसा, दो गुटों में हुई जमकर पत्थरबाजी, वाहनों को लगाई आग, गाड़ियों में की तोड़फोड़ (Watch Video)

विवाद की शुरुआत: चंदा वसूली को लेकर झड़प

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत शनिवार सुबह तब हुई जब फातिकराय थाना क्षेत्र के सैदरपार गांव में लकड़ी से लदे एक वाहन को रोका गया। आरोप है कि स्थानीय मेले के लिए चंदा मांगने वाले युवकों के एक समूह और ट्रक मालिक के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और इसने सांप्रदायिक रंग ले लिया।

आगजनी और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव

विवाद के बाद शिमलातल्ला इलाके में तनाव तब और बढ़ गया जब एक समुदाय की भीड़ ने जवाबी कार्रवाई में कई संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया। इसमें एक लकड़ी की दुकान और कई कच्चे घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक धार्मिक स्थल पर भी तोड़फोड़ की कोशिश की गई, जिसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से भी जवाबी हमले हुए।

त्रिपुरा में दो समुदायों में हिंसक झड़प

प्रशासन की कार्रवाई और धारा 163

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुमारघाट के उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (SDM) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है. इसके तहत प्रभावित इलाकों में लोगों के इकट्ठा होने और आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं.

  • सुरक्षा बल: असम राइफल्स, CRPF, BSF और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) की टुकड़ियों ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया है.
  • ड्रोन निगरानी: पुलिस भीड़ पर नजर रखने और उपद्रवियों की पहचान करने के लिए ड्रोन का सहारा ले रही है.
  • अपील: जिलाधिकारी तामल मजुमदार और पुलिस अधीक्षक अविनाश राय ने खुद इलाके का दौरा किया और निवासियों से शांति बनाए रखने व अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

स्थानीय विधायक और मंत्री सुधांशु दास ने घटना की निंदा करते हुए इसे 'स्वार्थी तत्वों द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश' बताया है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रहेगी.