Himachal Pradesh: तीसरी लहर का खतरा भूले पर्यटक, शिमला, डलहौजी, मनाली में उमड़ी सैलानियों की भीड़

कोविड प्रतिबंधों में छूट के बाद एक महीने से भी कम समय में 6-7 लाख पर्यटक शिमला घूमने के लिए आए. भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में शिमला, कुफरी, नारकंडा, डलहौजी, मनाली, लाहौल और पहाड़ी राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे हैं.

शिमला में पर्यटक (Photo: ANI)

शिमला: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कोविड कर्फ्यू में ढील मिलने और पड़ोसी राज्‍यों में पड़ रही गर्मी के बीच यहां पर्यटन स्‍थल पूरी तरह से भर गए हैं. देश में कोविड-19 की दूसरी लहर में सुधार आने और मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी तथा लू का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश का रुख कर रहे हैं. भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में शिमला, कुफरी, नारकंडा, डलहौजी, मनाली, लाहौल और पहाड़ी राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे हैं.

शिमला मनाली और धर्मशाला जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में औसत न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस है. कोविड प्रतिबंधों में छूट के बाद एक महीने से भी कम समय में 6-7 लाख पर्यटक शिमला घूमने के लिए आए.

एक महिला पर्यटक ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, "कोरोना संक्रमण कम हुआ और दिल्ली में गर्मी बहुत थी तो मैंने सोचा घूमने जाते हैं. किसी को नहीं पता की तीसरी लहर आएगी पर हमें सावधानी बरतनी होगी."

हिमाचल के पर्यटन स्थल ओवर क्राउडेड होगे हैं. यहां इस वीकेंड पर सभी होटल पैक हो गए थे सड़कों पर पर्यटकों का हुजूम देखा गया. मनाली में पर्यटकों की उमड़ी भीड़ बड़े खतरे का कारण बन सकती है. यही कारण है पर्यटन नगरी मनाली ट्विटर पर कोविड की तीसरी लहर के साथ ट्रेंड कर रहा है.

पर्यटन उद्योग हितधारक संघ के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में होटलों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन अभी आने वाले दिनों में और ज्यादा पर्यटक आ सकते हैं. सेठ ने कहा, "वीकेंड के दौरान होटलों के कमरे करीब 60 से 90 प्रतिशत तक बुक हो जाते हैं जबकि सप्ताह के अन्य दिनों में 40-45 प्रतिशत के बीच ही कमरे बुक हो पाते हैं."

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