Fact Check: क्या जम्मू कश्मीर में सेना के जवानों पर लोगों ने बरसाएं पत्थर, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की जाने सच्चाई

सोशल मीडिया पर रोजाना सैकड़ो वीडियो वायरल होते है. इनमें से कई वीडियो फेक होते है और कई वीडियो को कही का संदर्भ कही का जोड़कर वायरल किया जाता है. लेकिन जब इसकी सच्चाई सामने आती है. ये वीडियो हजारों की तादाद में शेयर हो जाते है.

Credit-(FB)

Fact Check: सोशल मीडिया पर रोजाना सैकड़ो वीडियो वायरल होते है. इनमें से कई वीडियो फेक होते है और कई वीडियो को कही का संदर्भ कही का जोड़कर वायरल किया जाता है. लेकिन जब इसकी सच्चाई सामने आती है. ये वीडियो हजारों की तादाद में शेयर हो जाते है. ऐसे वीडियो के कारण लोगों में भ्रम फ़ैल जाता है और कभी कभी तो ये भ्रम बड़े विवाद का स्वरुप ले लेती है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है और इसमें कुछ लोग पत्थर मारते हुए दिखाई देते है. इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा जा रहा है सेना के जवानों को पत्थर मारे जा रहे है.

जम्मू कश्मीर के नाम से इसको शेयर किया जा रहा है, जबकि ये दावा बिलकुल गलत और बेबुनियाद है. न तो जम्मू कश्मीर है और नाही ये वीडियो जम्मू कश्मीर का है. ये भी पढ़े:FACT CHECK: लद्दाख में हमला, दो सैन्य अधिकारी शहीद? गलत दावे के साथ शेयर हो रही है खबर

भारतीय जवानों के नाम से शेयर किया जा रहा है फेक वीडियो

ये है विरोध प्रदर्शन का वीडियो

भारत का नहीं वीडियो

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से फैलाया जा रहा है जिसमें भीड़ एक सैन्य वाहन पर पत्थरबाजी करती नजर आ रही है. दावे के मुताबिक, यह वीडियो जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना पर हुए कथित हमले का है. लेकिन जब इस वीडियो की सच्चाई जांची गई तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ.फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट्स द्वारा की गई गहराई से जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है.यह वीडियो दरअसल 25 जून 2025 को केन्या की राजधानी नैरोबी में हुए एक बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान का है.वीडियो में दिख रहा हाईवे भी नैरोबी का थिका रोड है, जो शहर को औद्योगिक क्षेत्र थिका से जोड़ता है.

कैसे फैला भ्रम?

फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को यह कहते हुए शेयर किया गया कि जम्मू-कश्मीर की जनता भारतीय सेना की गाड़ियों पर हमला कर रही है.कुछ पोस्ट में लिखा गया',ये है कश्मीर की असलियत.इनमें से कई पोस्ट को हजारों लोग देख चुके हैं, जिससे भ्रम और बढ़ गया.

प्रदर्शन क्यों हुए थे?

यह प्रदर्शन 2024 में हुए प्रदर्शनों की बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था, जब केन्या की संसद पर लोगों ने हमला कर दिया था.2025 के आंदोलन में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 16 लोगों की जान गई और सैकड़ों घायल हुए. प्रदर्शनकारी सरकारी भ्रष्टाचार और पुलिस की बर्बरता के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे.

इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं

जांच के बाद यह बिल्कुल स्पष्ट हो चुका है कि वायरल वीडियो को भारत से जोड़ना पूरी तरह से गलत और भ्रामक है.यह वीडियो केन्या के राजनीतिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है और भारतीय सेना से उसका कोई लेना-देना नहीं है.

 

Share Now

\