Press Briefing on Ops Sindoor: भारत की तीनों सेनाओं के डायरेक्टर जनरल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा किया है. मीडिया को जानकारी देते हुए DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्पष्ट और निर्णायक रणनीति का हिस्सा था. उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जो 26 निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या हुई थी, उसने देश को हिलाकर रख दिया था. यह हमला अकेला नहीं था, इससे पहले भी हमारे नागरिकों और सैनिकों पर कई आतंकी हमले हो चुके थे.
यही वजह है कि भारत ने इस बार आतंकियों को सख्त सबक सिखाने का फैसला किया. DGMO ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 9 आतंकी ठिकानों की पहचान की गई, जिन्हें बहुत ही सावधानीपूर्वक और सटीक तरीके से निशाना बनाया गया.
ऑपरेशन सिंदूर पर देश की सेनाओं ने किया बड़ा खुलासा
आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस
उन्होंने कहा, "हमने पहले सभी संभावित ठिकानों की पहचान की, लेकिन जब जांच की गई तो पाया कि कुछ शिविरों को खाली कर दिया गया है, शायद भारत की कार्रवाई के डर से." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने इस ऑपरेशन में केवल आतंकियों को ही टारगेट किया, जिससे आम लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे. भारत की नीति साफ है, आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस, लेकिन आम नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.
DGMO ने आगे बताया कि ये आतंकी ठिकाने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पीओजेके (पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर) में स्थित थे. इनमें से एक मुरीदके, लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ रहा है, जहां से अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों की पैदाइश हुई थी.
100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए
7 मई की सुबह जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो भारत ने कुछ ही घंटों में आतंक के इन ठिकानों को तबाह कर दिया. DGMO ने बताया कि इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. उन्होंने यह भी कहा कि इससे पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को गहरी चोट पहुंची है और भविष्य में ऐसे हमलों की कीमत उन्हें और चुकानी पड़ेगी.
इस प्रेस वार्ता ने साफ कर दिया कि भारत अब केवल सहने वाला नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ निर्णायक और ठोस जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है.













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