Telangana Auto Strike Video: ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों के बीच तेलंगाना में ऑटो चालक राज्यव्यापी हड़ताल पर, जानें उनकी मांगे
तेलंगाना स्टेट ऑटो यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. हैदराबाद के हिमायत नगर सहित कई इलाकों में ऑटो पहिए थमने से स्कूली बच्चों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
Telangana Auto Strike: तेलंगाना स्टेट ऑटो यूनियन (Telangana: Telangana State Auto Union) द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है. इस विरोध प्रदर्शन के कारण राजधानी हैदराबाद सहित राज्य के कई हिस्सों में ऑटो रिक्शा का संचालन पूरी तरह ठप नजर आ रहा है. हैदराबाद के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र हिमायत नगर में बड़ी संख्या में ऑटो ड्राइवरों ने मुख्य सड़क पर वाहन खड़े कर विरोध दर्ज कराया.
हड़ताल की वजह लोग परेशान
हड़ताल की वजह से सुबह के समय दफ्तर जाने वाले लोगों और विशेष रूप से स्कूली छात्रों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
तेलंगाना में ऑटो चालक हड़ताल पर
#WATCH | Hyderabad, Telangana: Telangana State Auto Union has called for a statewide strike today, demanding that the Central and state government address their concerns. Auto drivers are stopping running autos on the main road in Himayath Nagar, Hyderabad, as part of the… pic.twitter.com/WzNddpRsFJ
— ANI (@ANI) February 12, 2026
क्या हैं प्रमुख मांगें?
ऑटो यूनियन का यह विरोध केंद्र और राज्य सरकार की कुछ नीतियों के खिलाफ है. ड्राइवरों की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
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मीटर शुल्क में वृद्धि: ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए मीटर के बेस किराये में बढ़ोतरी की मांग.
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बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध: ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों द्वारा संचालित बाइक टैक्सियों को अवैध बताते हुए उन पर रोक लगाने की मांग.
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मोटर वाहन अधिनियम 2019: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए मोटर वाहन अधिनियम के कड़े प्रावधानों को हटाने की मांग.
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बाहरी ऑटो पर रोक: शहर की सीमा में अन्य जिलों से आने वाले ऑटो रिक्शा के संचालन पर कड़ाई से नियंत्रण.
हड़ताल का आम जनजीवन पर असर
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सुबह 6 बजे से ही दिखने लगा था. हैदराबाद के कई इलाकों में यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करते देखा गया. ऑटो न मिलने के कारण ऐप-आधारित कैब सेवाओं की मांग अचानक बढ़ गई, जिससे किराये (Surge Pricing) में भी काफी इजाफा दर्ज किया गया. स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिताओं को अपने निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जिससे कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी.
यूनियन का पक्ष
यूनियन के नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार से कल्याणकारी बोर्ड (Welfare Board) के गठन और ई-चालान में छूट की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. हिमायत नगर में प्रदर्शन कर रहे एक ड्राइवर ने बताया कि निजी बाइक टैक्सियों और एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी के कारण उनकी दैनिक आय में 40% से 50% तक की गिरावट आई है.
यूनियन की चेतावनी
यूनियन ने घोषणा की है कि यदि सरकार जल्द ही वार्ता के लिए टेबल पर नहीं आती है, तो वे आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल या बड़े पैमाने पर 'चलो असेंबली' जैसा मार्च निकाल सकते हैं. फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मुख्य मार्गों पर यातायात सुचारू करने का प्रयास कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2026 11:07 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

