मुश्किल में असम के CM हिमंत सरमा! ‘मुसलमानों पर गोली चलाते दिखाने वाले वीडियो’ को लेकर ओवैसी ने हैदराबाद में दर्ज कराई FIR, कार्रवाई की मांग
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक विवादित वीडियो को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो को 'नफरती और हिंसक' करार देते हुए हैदराबाद में पुलिस शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है.
हैदराबाद, 9 फरवरी. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Assam CM Himanta Sarma) के एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर देशभर में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मुख्यमंत्री के खिलाफ हैदराबाद में आधिकारिक पुलिस शिकायत (FIR) दर्ज कराने का ऐलान किया है. ओवैसी का आरोप है कि असम बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए इस वीडियो में मुख्यमंत्री को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देते हुए दिखाया गया है.
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की जड़ असम बीजेपी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट किया गया एक 17 सेकंड का वीडियो है, जिसका शीर्षक 'पॉइंट ब्लैंक शॉट' रखा गया था. इस वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को एक राइफल से निशाना साधते हुए दिखाया गया है. यह भी पढ़े: ‘ऊपर से फैलाया जा रहा है जहर’: कांग्रेस ने असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा के धार्मिक अल्पसंख्यक के खिलाफ कथित वीडियो को लेकर BJP पर बोला हमला
मुश्किल में असम के CM हिमंत सरमा
I have lodged an official complaint with @CPHydCity demanding criminal action against Himanta Sarma for his (now deleted) violent video showing him shooting Muslims. Unfortunately, genocidal hate speech has become a norm. pic.twitter.com/o1OVUl6MWk
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 9, 2026
आरोप है कि वीडियो में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्राफिक्स के जरिए यह दिखाया गया कि गोलियां दाढ़ी और टोपी पहने व्यक्तियों को लग रही हैं. वीडियो के साथ "नो मर्सी" और "विदेशी मुक्त असम" जैसे कैप्शन भी लिखे गए थे. भारी विवाद और विपक्षी दलों के कड़े विरोध के बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटा दिया गया है.
ओवैसी का तीखा प्रहार
तेलंगाना के जहीराबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा, "एक संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति हाथ में बंदूक लेकर टोपी और दाढ़ी वाले व्यक्ति को गोली मारते हुए वीडियो पोस्ट कर रहा है. यह खुलेआम नफरत फैलाना और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को उकसाना है."
ओवैसी ने इसे 'जेनोसाइडल हेट स्पीच' (नरसंहार वाला नफरती भाषण) करार दिया और कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी ताकि भविष्य में ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं पर रोक लग सके.
विपक्षी दलों ने भी की कार्रवाई की मांग
इस मामले में केवल AIMIM ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी भाजपा और असम के मुख्यमंत्री की आलोचना की है. कांग्रेस नेताओं ने इसे "भयावह और विचलित करने वाला" बताया, जबकि टीएमसी ने इसे राज्य प्रायोजित कट्टरता करार दिया. विपक्ष का कहना है कि वीडियो को केवल डिलीट कर देना काफी नहीं है, बल्कि इस तरह के नफरती प्रचार के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए.
असम में राजनीतिक तनाव
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब असम में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हाल के दिनों में 'मियां' (बंगाली मूल के मुस्लिम) समुदाय को लेकर दिए गए अपने बयानों के कारण लगातार चर्चा में हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के वीडियो और बयानों से राज्य में चुनावी ध्रुवीकरण और तेज होने की संभावना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 09, 2026 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

