बिहार में ताड़ी पर से हटेगा प्रतिबंध; तेजस्वी यादव ने किया वादा, जानें क्या है यह ड्रिंक
Tejashwi Yadav | PTI

पटना: बिहार में विधानसभा चुनावी माहौल गर्म है और इस बीच आरजेडी नेता व महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक बड़ा ऐलान कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. उन्होंने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो राज्य में ताड़ी (Tari / Toddy) पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया जाएगा. सारण के परसा में जनसभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून पूरी तरह विफल हो चुका है. उन्होंने आरोप लगाया, “बिहार में शराब की होम डिलीवरी तक हो रही है और लोग आसानी से शराब हासिल कर रहे हैं. ऐसे में ताड़ी पर प्रतिबंध का कोई औचित्य नहीं.” तेजस्वी ने दावा किया कि सरकार में आते ही ताड़ी को शराबबंदी के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा.

महागठबंधन के घोषणा पत्र में भी ताड़ी का जिक्र

महागठबंधन के घोषणापत्र में इस फैसले को शामिल किया गया है. इसमें लिखा है ताड़ी व महुआ आधारित परंपरागत व्यवसाय प्रतिबंध से बाहर होंगे. कानून की वजह से जेल में बंद गरीब-दलित लोगों को राहत मिलेगी

निषेध कानून की समीक्षा की जाएगी

तेजस्वी ने कहा कि ताड़ी कारोबार से जुड़े समुदाय के पास न जमीन है, न दूसरा रोजगार. “उनकी पीढ़ियों से यही व्यवसाय रहा है, इसे वापस वैध बनाना जरूरी है.”

बिहार में कब लगी शराबबंदी?

अप्रैल 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरी तरह शराबबंदी लागू की. इसी कानून के तहत ताड़ी की बिक्री और सेवन भी प्रतिबंधित है.

क्या है ताड़ी?

ताड़ी खजूर, नारियल या ताड़ के पेड़ के रस से बनने वाला प्राकृतिक पेय है. ताजा ताड़ी मीठी होती है और इससे नशा नहीं होता है. लेकिन जैसे-जैसे वह फर्मेंट होती है, उसमें अल्कोहल बनने लगता है. इसे भारत के कई राज्यों में Palm Wine या नीरा (Neera) के नाम से भी जाना जाता है.

सेहत पर असर: फायदेमंद या नुकसानदायक?

सीमित मात्रा में ताजी ताड़ी लाभकारी मानी जाती है. लेकिन इसके अधिक सेवन से लिवर को नुकसान, ब्लड क्लॉटिंग में दिक्कत, गर्भवती महिलाओं में स्वास्थ्य जोखिम होते हैं. इसलिए विशेषज्ञ इसे सीमित मात्रा में ही लेने की सलाह देते हैं.