Hyderpora Encounter: हैदरपोरा मुठभेड़ पर आज फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट, 9 महीने पहले मारे गए बेटे का चेहरा देखना चाहते हैं पिता

अब्दुल लतीफ मागरे अपने बेटे की कब्र से उसके शव को निकलवाने की कोशिश कर रहे हैं. जिसकी मौत नौ महीने पहले श्रीनगर के हैदरपोरा इलाके में एक एनकाउंटर के दौरान 3 अन्य लोगों के साथ हो गई थी.

सुप्रीम कोर्ट (Photo Credit : Twitter)

Hyderpora Encounter: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) श्रीनगर के हैदरपोरा में पिछले साल की विवादास्पद मुठभेड़ में मारे गए चार लोगों में से एक, आमिर माग्रे के पिता की याचिका पर फैसला सुनाएगा, जिसमें उनके बेटे के शव को अंतिम संस्कार करने के लिए निकालने की मांग की गई थी. SC to Hear PILs Against CAA Today: सीएए के खिलाफ आज 200 से ज्यादा जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

अब्दुल लतीफ मागरे अपने बेटे की कब्र से उसके शव को निकलवाने की कोशिश कर रहे हैं. जिसकी मौत नौ महीने पहले श्रीनगर के हैदरपोरा इलाके में एक एनकाउंटर के दौरान 3 अन्य लोगों के साथ हो गई थी.

एनकाउंटर में चार लोगों की मौत हुई थी. इनमें से एक को पाकिस्तानी आतंकवादी बताया गया, बाकी तीन के परिवारों ने पुलिस के दावों का विरोध किया. इस मामलें में पुलिस ने एक बिजनेसमैन अलताफ भट और डॉक्टर मुदस्सर गुल के शवों को कब्र से बाहर निकालकर उनके परिवारों को सौंप दिया ताकि वह विधिपूर्वक उनका अंतिम संस्कार कर सकें.

इस मामले में आमिर की डेड बॉडी हंदवारा में ही रह गई. हालांकि पुलिस ने कहा था कि आमिर एक आतंकवादी था. बता दें कि आमिर के पिता मागरे आतंकियों से लड़ने के लिए सरकार की ओर से वीरता पुरुस्कार दिया गया है. मागरे ने इस बात का विरोध किया. एक डिपार्टमेंटल जांच में पुलिस ने खुद को क्लीन चिट दी है.

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 27 मई को मागरे की याचिका पर प्रशासन को आदेश दिए थे कि वह आमिर के शरीर को उनके परिवार को सौंपे. हाईकोर्ट ने कहा था कि उनके परिवार को अंतिम संस्कार से वंचित करना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है. इसके बाद भी प्रशासन ने इस आदेश का पालन नहीं किया और डेड बॉडी की सड़न का बहाना देकर आदेश टाल दिया . हालांकि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 29 अगस्त को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया. यह फैसला आज सुनाया जाएगा

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