बॉलीवुड ऐक्टर सैफ अली खान (Saif Ali Khan) और उनके परिवार के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसने सैफ अली खान को भोपाल रियासत की 15,000 करोड़ रुपये की संपत्ति (Royal Property of Saif Ali Khan's Family) का वारिस मानने वाले पुराने फैसले को रद्द कर दिया था.
यह मामला 50 साल से भी ज्यादा पुराना है और इसमें भोपाल के नवाब की संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है. हाई कोर्ट के फैसले ने इस मामले को फिर से ट्रायल कोर्ट में भेज दिया था, जहाँ नए सिरे से सुनवाई होनी थी. इस फैसले के खिलाफ सैफ अली खान के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
क्या था पूरा मामला?
भोपाल के आखिरी नवाब हामिदुल्लाह खान की मृत्यु 1960 में हुई थी. उनकी संपत्ति उनकी बेटी साजिदा सुल्तान (जो सैफ अली खान की दादी थीं) को मिल गई थी. साजिदा सुल्तान की बड़ी बहन आबिदा सुल्तान थीं, लेकिन वे 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं, इसलिए संपत्ति साजिदा सुल्तान को मिली. 1962 में, भारत सरकार ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि नवाब की निजी संपत्ति साजिदा सुल्तान की ही है.
The Supreme Court on Aug 08 stayed a June 30 order of the Madhya Pradesh High Court that had reopened a five-decade-old partition dispute concerning actor Saif Ali Khan and his family’s status as legal heirs to the personal estate of the Nawab of Bhopal.
The High Court on June… pic.twitter.com/RVwSLiDYAS
— Bar and Bench (@barandbench) August 9, 2025
लेकिन हामिदुल्लाह खान के परिवार के कुछ अन्य सदस्यों ने इस फैसले को चुनौती दी थी. इस मामले में, ट्रायल कोर्ट ने साल 2000 में फैसला सुनाया था कि यह संपत्ति सैफ अली खान की दादी साजिदा सुल्तान की है, और वह ही इसकी वारिस हैं.
हाल ही में, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया और कहा कि ट्रायल कोर्ट को इस मामले की फिर से सुनवाई करनी चाहिए. हाई कोर्ट का कहना था कि ट्रायल कोर्ट ने कुछ बातों पर ध्यान नहीं दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, सैफ अली खान के वकील ने बताया कि 50 साल बाद इस केस को फिर से ट्रायल कोर्ट में भेजना सही नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में नए सिरे से सबूत पेश करने की कोई जरूरत नहीं थी.
इन दलीलों को सुनने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है. इसका मतलब यह है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक हाई कोर्ट का फैसला लागू नहीं होगा. यह सैफ अली खान और उनके परिवार के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है.













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