सुप्रीम कोर्ट ने असम की अंतिम NRC के प्रकाशन की डेडलाइन 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त की
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को असम की अंतिम नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) के प्रकाशन की समयसीमा का विस्तार किया है. इसे 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है. दरअसल, 16 जुलाई को केंद्र की ओर से दायर याचिका में एनआरसी के अंतिम प्रकाशन के लिए 31 जुलाई, 2019 की समय सीमा को उपयुक्त रूप से संशोधित कर भविष्य की कोई तारीख तय करने की मांग की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को असम (Assam) की अंतिम नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के प्रकाशन की समयसीमा का विस्तार किया है. इसे 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 20 फीसदी नमूनों के पुन: सत्यापन का केंद्र और राज्य सरकार का अनुरोध ठुकरा दिया. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति रोहिंटन एफ नरीमन की पीठ ने असम नागरिक पंजी समन्वयक प्रतीक हजेला की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद नागरिक पंजी के अंतिम प्रकाशन की अवधि 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त करने के बारे में आदेश पारित किया.
दरअसल, केंद्र और असम सरकार ने राज्य में एनआरसी मसौदे में 20 प्रतिशत नामों के फिर से सत्यापन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था. 16 जुलाई को केंद्र की ओर से दायर याचिका में एनआरसी के अंतिम प्रकाशन के लिए 31 जुलाई, 2019 की समय सीमा को उपयुक्त रूप से संशोधित कर भविष्य की कोई तारीख तय करने की मांग की गई थी.
Supreme Court extends the final publication of National Register of Citizens (NRC) deadline from July 31 to August 31, 2019. pic.twitter.com/MJhSizldLq
— ANI (@ANI) July 23, 2019
केंद्र और असम सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बॉर्डर से लगे जिलों मे 20 फीसदी नमूनों की दोबारा जांच किए जाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि स्थानीय साठगांठ के चलते लाखों अवैध घुसपैठिये एनआरसी में शामिल हो गए हैं जिसकी जांच जरूरी है. यह भी पढ़ें- Assam NRC Draft Exclusion List 2019: एनआरसी मसौदा की अतिरिक्त सूची जारी, हटाए गए 1 लाख नाम, ऐसे करें चेक
इससे पहले 26 जून को असम में अयोग्य पाए जाने के बाद एनआरसी के मसौदे में से एक लाख से अधिक लोगों के नाम हटाए गए थे, जो पिछले साल 30 जुलाई को प्रकाशित सूची से हटाए गए 40 लाख नामों के अतिरिक्त थे. ज्ञात हो कि असम में अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए साल 1951 से पहली बार इस सूची को अपडेट किया जा रहा है. असम में एनआरसी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में अपडेट की जा रही है.
भाषा इनपुट
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2019 04:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

