Sukhbir Singh Jaunapuria Video: टोंक में पूर्व MP सुखबीर सिंह जौनापुरिया विवादों में, मुस्लिम महिलाओं को कंबल देने से किया इनकार; कांग्रेस ने घेरा
राजस्थान के टोंक जिले में पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया द्वारा मुस्लिम महिलाओं से कंबल देनें से इनकार करने का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक घमासान मच गया है. कांग्रेस ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है.
Sukhbir Singh Jaunapuria Video: राजस्थान के टोंक जिले में पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया एक गंभीर विवाद में घिर गए हैं. रविवार, 22 फरवरी 2026 को निवाई तहसील के करेड़ा बुजुर्ग गांव में एक कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान जौनापुरिया ने कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं को कंबल देने से मना कर दिया और जो कंबल दिए जा चुके थे, उन्हें भी वापस मंगवा लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने पूर्व सांसद के व्यवहार को "शर्मनाक" और "सांप्रदायिक" करार दिया है.
नाम पूछकर वापस लिए कंबल
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि सुखबीर सिंह जौनापुरिया कतार में खड़ी महिलाओं को कंबल बांट रहे हैं. जैसे ही सुकरण खान, रजिया और जुबैदा जैसी महिलाओं ने अपना नाम बताया, पूर्व सांसद ने अपने सहयोगियों को निर्देश दिया कि उन्हें कंबल न दिए जाएं. यह भी पढ़े: VIDEO: MP में BJP सांसद जनार्दन मिश्रा का विवादित बयान, ‘अब लड़कियां भी शराब पीने लगी हैं’, कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर प्रदेश सरकार को घेरा
वीडियो में जौनापुरिया यह कहते हुए सुने जा रहे हैं, "जो लोग प्रधानमंत्री मोदी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल लेने का कोई अधिकार नहीं है." जब वहां मौजूद महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "अगर आपको बुरा लगता है तो मैं कुछ नहीं कर सकता, आप यहां से जा सकती हैं."
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कांग्रेस का तीखा प्रहार
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए टोंक-सवाई माधोपुर के वर्तमान सांसद हरीश चंद्र मीणा ने वीडियो साझा कर इसे संविधान का अपमान बताया. उन्होंने सवाल किया कि क्या गरीब महिलाओं का धर्म पूछकर उनकी मदद करना मानवता है?
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कांग्रेस की सोशल मीडिया विंग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने भी पूर्व सांसद के व्यवहार को "घिनौना" बताया. वहीं, टोंक विधायक सचिन पायलट ने इस घटना को "अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण" करार देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर भेदभाव न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी है. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस कृत्य की निंदा करते हुए भाजपा नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की है.
पूर्व सांसद की सफाई
ग्रामीणों द्वारा यह याद दिलाए जाने पर कि ये महिलाएं घंटों से इंतजार कर रही थीं, जौनापुरिया ने अपने कदम का बचाव किया. उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि यह कोई सरकारी योजना नहीं है, बल्कि उनका निजी कार्यक्रम है. उन्होंने तर्क दिया कि अपने निजी धन से किए जा रहे परोपकार कार्य में लाभार्थियों का चयन करना उनका विशेषाधिकार है.
बता दें कि सुखबीर सिंह जौनापुरिया 2014 से 2024 तक टोंक-सवाई माधोपुर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद रहे हैं और वे क्षेत्र में अपनी 'फ्री कैंटीन' जैसी सेवा कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं.