Maharashtra ST Employees Protest: अभी कुछ ही दिनों में दिवाली है और ऐसे में अपनी मांगों को लेकर महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल एसटी (MSRTC) के कर्मचारियों ने आंदोलन की घोषणा की है. सोमवार 13 अक्टूबर से कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है. एसटी कर्मचारियों के आंदोलन (Protest) के कारण राज्य में एसटी बसों की व्यवस्था चरमराने की स्थिति हो सकती है. इसका सीधा असर अब दिवाली जैसे त्यौहार पर हो सकता है.
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने कई बार वादे किए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है.ये भी पढ़े:ST Bus Offer: 60 दिनों का किराया देकर करें 90 दिन सफर, ई बस में यात्रियों को मिलेगी ये सुविधा, जानें डिटेल्स
4000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बकाया राशि
' News 18 मराठी ' की रिपोर्ट के मुताबिक़ एसटी (ST) की कुल 18 कर्मचारी संघटनाओं ने मिलकर एक संयुक्त कार्रवाई समिति बनाई है.इनका कहना है कि साल 2018 से महंगाई भत्ते का अंतर, 2020 से 2024 तक की वेतन वृद्धि का भुगतान और अन्य 4000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम अभी तक नहीं मिली है.समिति ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि जब तक यह आर्थिक मामला स्थायी रूप से हल नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से अचानक रद्द कर दी गई. इससे कर्मचारियों में असंतोष और गुस्सा फैल गया है.
आंदोलन आज़ाद मैदान में होगा
पहले यह प्रदर्शन मुंबई सेंट्रल पर किया जाना था, लेकिन अब इसे आज़ाद मैदान में आयोजित किया जाएगा. रविवार को मुंबई में हुई बैठक में हनमंत ताटे, श्रीरंग बरगे, संदीप शिंदे, हिरेन रेडकर, पांडुरंग वाघमारे, दादाराव डोंगरे समेत अन्य नेताओं ने आंदोलन को जारी रखने का फैसला लिया.
दिवाली से पहले यात्रियों की परेशानी बढ़ने की आशंका
दिवाली (Diwali) नजदीक है और जल्द ही स्कूलों की छुट्टियां भी शुरू होंगी. ऐसे में अगर एसटी की बसें बंद हुईं तो यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने कहा कि सोमवार का आंदोलन केवल प्रतीकात्मक होगा, लेकिन अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया, तो धरना और ठिय्या आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा.













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