MP की 'आत्मनिर्भरता' के रोडमैप पर तेज दौड़: राज्यपाल मंगुभाई पटेल
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गणतंत्र दिवस समारोह में कहा कि राज्य सरकार आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर द्रुत गति से अमल कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आत्म-निर्भर भारत की अवधारणा को साकार रूप दे रही है.
भोपाल, 27 जनवरी : मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल (Mangubhai Patel) ने गणतंत्र दिवस समारोह में कहा कि राज्य सरकार आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर द्रुत गति से अमल कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की आत्म-निर्भर भारत की अवधारणा को साकार रूप दे रही है. राज्यपाल पटेल ने गणतंत्र दिवस पर राजधानी भोपाल में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वज फहरा कर, भव्य परेड सलामी ली. उन्होंने कहा, देश की स्वतंत्रता के अमृत काल में स्वतंत्रता के फल तक प्रत्येक प्रदेशवासी की पहुंच बनाने के लिये राज्य सरकार की शासन-प्रशासन के कार्यों में जन-भागीदारी को बढ़ावा देने की पहल के अनुकूल परिणाम मिल रहे हैं.
राज्यपाल ने कहा कि कृषि अधो-संरचना निधि के क्रियान्वयन में प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला है. साथ ही मिलेट के उत्पादन को प्रोत्साहन देने के चलते प्रदेश को बेस्ट इमजिर्ंग स्टेट अवार्ड से भी नवाजा गया है. मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन और उत्पादन में लगातार बढोतरी के लिए प्रदेश को विशेष श्रेणी में उत्कृष्ट पुरस्कार मिला है. स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में प्रदेश को 16 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं. प्रदेश के 77 नगरीय निकायों को भी स्टार रेटिंग मिली है. यह भी पढ़ें : Farmers Protest: ट्रैक्टरों के साथ मार्च महीने में फिर दिल्ली आएंगे किसान, MSP की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर प्रदर्शन
राज्यपाल पटेल ने कहा कि इसी माह इंदौर में सम्पन्न ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 ऐतिहासिक रही है. समिट में देश-दुनिया के सैकड़ों डेलीगेट्स शामिल हुए. समिट में 15 लाख 42 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इन प्रस्तावों से प्रदेश में 29 लाख से अधिक रोजगार के नये अवसर निर्मित होने की संभावना होगी.
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जा रहा है. तकनीकी पाठ्यक्रमों में चिकित्सा शिक्षा सहित हिंदी माध्यम से शिक्षण की व्यवस्था की गई. राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है. नेशनल अचीवमेंट सर्वे में प्रदेश 21वें स्थान से बड़ी छलांग लगा कर 5वें स्थान पर आ गया है. शासकीय स्कूलों में 18 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई और 29 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है. प्रतिभाशाली बच्चों को लैपटॉप देने की योजना फिर से प्रारम्भ कर दी गई है. विद्यार्थियों को ई-रूपी के माध्यम से साइकिल प्रदाय की व्यवस्था की गई है.
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार चार वर्ष से देश में प्रथम है. योजना में अब तक 32 लाख 51 हजार से अधिक महिलाओं को 1 हजार 370 करोड़ रुपए की सहायता सुलभ करवायी गई है. गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिये संचालित आपरेशन मुस्कान को आशातीत सफलता मिली है.
पटेल ने कहा कि कन्या जन्म को वरदान बनाने वाली बहुप्रशंसित और सफल लाडली लक्ष्मी योजना में आज प्रदेश में लगभग 44 लाख लाडली लक्ष्मी हैं. एक समय प्रदेश में जन्म के समय 1000 बेटों पर केवल 911 बेटियां थी. यह संख्या आज बढ़ कर 956 हो गई हैं. लाडली लक्ष्मी योजना - 2 प्रारम्भ कर लाडली लक्ष्मियों की उच्च शिक्षा के लिये दो किस्त में 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है.
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है. जनजातीय वर्ग के लोगों का गांव से बाहर जाकर राशन लाने का समय बचाने, उनकी मजदूरी की बचत और युवाओं को रोजगार सुलभ कराने के लिये अभिनव 'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना' प्रारम्भ की गई है. जनजातीय विकास की दिशा में नया अध्याय लिखने और सामाजिक समरसता के उद्देश्य से पहली बार राजभवन में जनजातीय प्रकोष्ठ गठित किया गया है.
उन्होंने आगे कहा, जल-जंगल और जमीन पर जनजातीय वर्गों के पारंपरिक अधिकारों के सशक्त बनाने के राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में 20 जनजातीय बहुल जिलों के 11 हजार 457 ग्रामों में पेसा नियम लागू किए गए हैं. पेसा नियम से सामाजिक समरसता के साथ जनजातीय समुदाय को जल, जंगल, जमीन पर अधिकार मिलना सुनिश्चित हुआ है.
पटेल ने कहा कि सरकार पिछड़ा वर्ग आरक्षण के साथ स्थानीय निकायों के चुनाव कराने में सफल रही है. पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग गठित किया गया है. मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्व-रोजगार योजना - 2022 स्वीकृत की गई है. योजना से अगले दो वर्षों में 6 हजार और स्व-रोजगार के लिये 30 हजार व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा सकेगा.
पटेल ने कहा कि किसान भाई-बहन सच्चे अर्थों में प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं. किसानों की खुशहाली और खेती को लाभदायी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. बुरहानपुर जिले को शत-प्रतिशत 'हर घर नल से जल' जिला बनने का गौरव हासिल हुआ है. प्रदेश में पिछले डेढ़ दशक में 4 लाख किलोमीटर से अधिक लम्बाई की सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया गया है. सिंचाई के क्षेत्र में भी प्रदेश में क्रांति हुई है. केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी.
पटेल ने कहा कि मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिये मृत्युदण्ड का प्रावधान किया गया है. धरना प्रदर्शन, जुलूस या साम्प्रदायिक हिंसा के दौरान सरकारी एवं निजी सम्पत्ति को नुकसान की वसूली के लिये पहली बार कानून बनाया गया है. जोर-जबरदस्ती, बहला-फुसलाकर विवाह और धर्म परिवर्तन रोकने के लिये प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू किया गया है.
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को शांति और सद्भाव वाला प्रदेश बनाये रखने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है. भू-माफिया, चिटफंड माफिया, शराब माफिया, रेत माफिया, राशन माफिया, मिलावट माफिया आदि के विरूद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की गई है. माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीब आवासहीनों के लिये सुराज कालोनियों के निर्माण का निर्णय सरकार ने लिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2023 11:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

