सोनम वांगचुक के NGO का FCRA लाइसेंस रद्द, हिंसक प्रदर्शन में 4 लोगों की मौत के अगले दिन एक्शन
Sonam Wangchuk | X

नई दिल्ली: सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर जारी आंदोलन बुधवार को हिंसा में बदल गया. लेह में हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई. हिंसक प्रदर्शनों और चार लोगों की मौत के एक दिन बाद, सोनम वांगचुक के NGO SECMOL (Students Educational and Cultural Movement of Ladakh) का FCRA (विदेशी चंदा) लाइसेंस रद्द कर दिया गया. गृह मंत्रालय ने कई नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की.

लद्दाख में हिंसा का हाल

लेह में बुधवार को प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले गए. प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की, BJP कार्यालय और हिल काउंसिल हेडक्वार्टर पर हमला किया, और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए टीयर गैस का इस्तेमाल किया. इस दौरान कम से कम चार लोग मारे गए और 80 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल थे. बाद में लेह में कर्फ्यू भी लगाया गया.

सोनम वांगचुक की संस्था SECMOL को सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए विदेशी योगदान प्राप्त करने के लिए FCRA रजिस्ट्रेशन मिला हुआ था. मंत्रालय ने पहले 20 अगस्त 2025 को नोटिस जारी किया, फिर 10 सितंबर को एक रिमाइंडर भेजा. SECMOL ने 19 सितंबर को जवाब दिया. गृह मंत्रालय ने SECMOL के जवाब की समीक्षा की और कई उल्लंघनों को पाया.

मंत्रालय का रुख

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि SECMOL के जवाब में कई विसंगतियां थीं और लाइसेंस रद्द करना अनिवार्य था. मंत्रालय ने कहा कि विदेशी फंड्स का दुरुपयोग और नियमों का पालन न करना FCRA के तहत गंभीर उल्लंघन है.