'UPI नहीं, अब केवल नकद' सरकार के खिलाफ उतरे छोटे व्यापारी, GST नोटिस के बाद कर्नाटक में 25 जुलाई को बंद का ऐलान
कर्नाटका के छोटे व्यापारी अब डिजिटल भुगतान (UPI) का विरोध करते हुए नकद भुगतान पर लौट रहे हैं. GST नोटिस के बाद व्यापारियों ने कर्नाटका में 25 जुलाई को बंद का ऐलान किया है. इस बंद में बड़ी संख्या में छोटे और बड़े व्यापारी UPI के लेन-देन का विरोध करते हुए शामिल होंगे.
Karnataka Bandh on July 25: कर्नाटका के छोटे व्यापारी अब डिजिटल भुगतान (UPI) का विरोध करते हुए नकद भुगतान पर लौट रहे हैं. GST नोटिस के बाद व्यापारियों ने कर्नाटका में 25 जुलाई को बंद का ऐलान किया है. इस बंद में बड़ी संख्या में छोटे और बड़े व्यापारी UPI के लेन-देन का विरोध करते हुए शामिल होंगे.
व्यापारियों का आरोप
व्यापारियों का कहना है कि उन्हें वाणिज्यिक कर विभाग (Commercial Tax Department) द्वारा भेजे गए GST नोटिस का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें उनके UPI लेन-देन के आधार पर टर्नओवर की सीमा को पार करने की बात की गई है। इससे व्यापारियों में भ्रम और घबराहट फैल गई है, खासकर उन छोटे व्यापारियों के बीच जिन्होंने महामारी के बाद ग्राहकों की मांग को पूरा करने और डिजिटल भुगतान की सुविधा का लाभ उठाने के लिए UPI का उपयोग करना शुरू किया था. यह भी पढ़े: GST: जीएसटी से देश में करदाताओं की संख्या बढ़ी, पहले के मुकाबले व्यापार करना हुआ आसान; मनोरंजन शर्मा
बेंगलुरु के विक्रेता की प्रतिक्रिया
राकेश, बेंगलुरु के एक फूल विक्रेता, ने हाल ही में अपनी दुकान पर एक साइन बोर्ड लगाया, जिसमें लिखा था "UPI नहीं, केवल नकद". उन्होंने कहा, "मेरे कुछ नियमित ग्राहक नाराज हैं और बिक्री घट गई है. लेकिन GST नोटिस मिलने के बाद मेरे पास कोई विकल्प नहीं था. मेरे जैसे कई व्यापारी हैरान हैं.
ऑटो ड्राइवरों पर भी असर
ऑटो ड्राइवरों को भी इसका असर हुआ है. एक ऑटो रिक्शा चालक, ने बताया कि उन्हें ₹4.5 लाख का GST बकाया नोटिस मिला था. "अब हम में से कई ग्राहक से नकद मांग रहे हैं ताकि और समस्याओं से बच सकें.
विक्रेताओं के फैसले से आम लोग प्रभावित
ग्राहक भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. एक कॉलेज छात्रा, ने बताया कि उनके इलाके के कम से कम तीन छोटे विक्रेताओं ने UPI स्वीकार करना बंद कर दिया है."अब ऑटो ड्राइवर भी नकद पसंद करते हैं। यह लगातार बदलाव और परेशानी का कारण बन रहा है.
किन व्यापारियों को मिली है नोटिस
ये नोटिस उन व्यापारियों को भेजे गए हैं जिन्होंने ₹40 लाख से अधिक की कमाई डिजिटल माध्यम से की है. इस वजह से अब व्यापारी डिजिटल पेमेंट को नकारते हुए नकद भुगतान की ओर रुख कर रहे हैं. इन नोटिसों ने व्यापारियों को घबराहट में डाल दिया है और उन्होंने डिजिटल भुगतान की बजाय केवल नकद भुगतान पर जोर दिया है.
GST विभाग का स्पष्टीकरण
हालांकि वाणिज्यिक कर विभाग ने 11 जुलाई को एक प्रेस नोट जारी किया, जिसमें हालिया नोटिसों पर उठे सवालों का जवाब दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि ये नोटिस उन व्यवसायों को भेजे गए हैं जिनके डिजिटल लेन-देन की मात्रा निर्धारित टर्नओवर की सीमा को पार करती है. विभाग ने यह भी कहा कि GST केवल आपूर्ति के मूल्य पर लागू होता है, न कि भुगतान के तरीके पर.
इसके साथ ही विभाग ने यह भी बताया कि यदि किसी व्यापारी का कुल कारोबार ₹1.5 करोड़ से कम है तो वे एक समर्पण योजना के तहत 1 प्रतिशत की दर से GST का भुगतान कर सकते हैं, बशर्ते वे पंजीकरण कराएं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 19, 2025 09:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

