Silver Rate Today, January 24, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में 'सफेद धातु' यानी चांदी की कीमतों (Silver Rate) में शुक्रवार को जबरदस्त उछाल देखा गया, जो शनिवार को भी ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर बरकरार है. घरेलू बाजार में चांदी की कीमत ₹3,40,100 प्रति किलोग्राम के औसत स्तर को पार कर गई है. वहीं, वैश्विक स्तर पर चांदी ने पहली बार $100 प्रति औंस का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़कर निवेशकों को हैरान कर दिया है. 2026 के शुरुआती तीन हफ्तों में चांदी ने सोने के मुकाबले कहीं बेहतर रिटर्न दिया है.
भारत के अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों और लॉजिस्टिक्स के कारण कीमतों में भिन्नता देखी गई है. दक्षिण भारतीय शहरों में चांदी की मांग सबसे अधिक बनी हुई है. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today January 14: चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, ₹2.75 लाख प्रति किलो के करीब पहुंचे दाम
प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा भाव (प्रति किलो)
| शहर | चांदी की दर (1 किलो) |
| चेन्नई | INR 3,45,000 |
| हैदराबाद | INR 3,45,000 |
| नई दिल्ली | INR 3,30,100 |
| मंबई | INR 3,30,100 |
| कोलकाता | INR 3,30,100 |
| बेंगलुरु | INR 3,30,100 |
| नोएडा/गाजियाबाद | INR 3,30,100 |
| गुरुग्राम | INR 3,30,100 |
| अहमदाबाद | INR 3,30,000 |
| जयपुर | INR 3,30,000 |
| लखनऊ | INR 3,30,000 |
| भोपाल | INR 3,30,000 |
| जोधपुर | INR 3,30,000 |
| श्रीनगर | INR 3,20,000* |
ग्लोबल मार्केट में ऐतिहासिक 'ब्रेकआउट'
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में आई यह तेजी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकेत है. साल 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि 'COMEX' एक्सचेंज पर शॉर्ट कवरिंग और भारी सट्टेबाजी के कारण कीमतों में यह अप्रत्याशित उछाल आया है.
क्यों महंगी हो रही है चांदी?
बाजार विश्लेषकों ने चांदी की कीमतों में इस 'रॉकेट' जैसी तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं:
- औद्योगिक मांग: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), सौर ऊर्जा पैनलों और एआई (AI) डेटा सेंटरों में चांदी का भारी उपयोग हो रहा है. आपूर्ति कम होने और मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल आया है.
- भू-राजनीतिक तनाव: ग्रीनलैंड को लेकर विवाद और अमेरिका-यूरोप के बीच व्यापार शुल्क (Tariffs) के मुद्दों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है.
- कमजोर डॉलर: वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने कमोडिटी बाजार को निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया है.
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी अब एक नए 'प्राइस जोन' में प्रवेश कर चुकी है. हालांकि इतनी बड़ी तेजी के बाद मुनाफावसूली (Profit booking) के कारण कीमतों में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन ₹3 लाख प्रति किलो का स्तर अब एक मजबूत सपोर्ट लेवल बन गया है.
लंबे समय के लिए चांदी अभी भी निवेश का बेहतरीन विकल्प नजर आ रही है, लेकिन नए खरीदारों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.












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