Silver Rate Today January 14: चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, ₹2.75 लाख प्रति किलो के करीब पहुंचे दाम
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Silver Rate Today January 14: भारतीय सराफा बाजार में आज कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार उछाल देखा जा रहा है. सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों ने भी नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है. बुधवार, 14 जनवरी को देश के कई प्रमुख महानगरों में चांदी का भाव ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया है. वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और औद्योगिक क्षेत्र से चांदी की बढ़ती मांग को इस अचानक आई तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है.

महानगरों में आज की चांदी दरें (प्रति किलो)

देश के विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और चुंगी के कारण चांदी की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है. यह भी पढ़े: Gold Rate Today January 14: सोने का दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में कीमतें ₹1.42 लाख के पार

  • दिल्ली: ₹2,74,800

  • मुंबई: ₹2,74,500

  • चेन्नई: ₹2,76,200

  • कोलकाता: ₹2,74,500

  • बेंगलुरु: ₹2,74,600

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारणों का असर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका द्वारा ईरान पर व्यापारिक प्रतिबंधों की चेतावनी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण निवेशक अब सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं का रुख कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी डॉलर की मजबूती में आई हल्की गिरावट ने भी चांदी को अन्य मुद्राओं के मुकाबले महंगा कर दिया है.

घरेलू स्तर पर, मकर संक्रांति और आगामी विवाह सीजन की मांग ने भी कीमतों को समर्थन दिया है. औद्योगिक क्षेत्र, विशेषकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में चांदी की निरंतर खपत ने इसके बेस प्राइस को ऊपर बनाए रखा है.

चांदी में निवेश: विशेषज्ञों की राय

कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मध्यम अवधि में चांदी अभी और तेजी दिखा सकती है। खुदरा ग्राहकों के लिए सलाह दी गई है कि वे आभूषणों के बजाय चांदी के सिक्कों या बार में निवेश करें. वहीं, जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए 'सिल्वर ईटीएफ' (Silver ETF) एक बेहतर डिजिटल विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें फिजिकल स्टोरेज का जोखिम नहीं होता.

भविष्य का अनुमान

आने वाले दिनों में यदि वैश्विक तनाव कम नहीं होता है, तो चांदी की कीमतें ₹2,85,000 के स्तर को भी पार कर सकती हैं। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार में किसी भी बड़े सुधार (Correction) का इंतजार करें और एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय किश्तों में निवेश करें.