मुंबई: भारतीय सराफा बाजार में सफेद धातु यानी चांदी की कीमतों (Silver Rates) में गिरावट का दौर बुधवार, 18 फरवरी 2026 को भी जारी रहा. वैश्विक बाजारों में बिकवाली के दबाव और स्थानीय स्तर पर निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली (Profit-Booking) के कारण चांदी इस महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. दिल्ली (Delhi) और मुंबई (Mumbai) के खुदरा बाजारों में चांदी की कीमत 100 रुपये गिरकर 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है. यह गिरावट फरवरी की शुरुआत में देखी गई भारी अस्थिरता के बाद आई है, जब चांदी 3.50 लाख रुपये के स्तर को छू गई थी. खुदरा बाजार में आज चांदी के विभिन्न वजन के अनुसार कीमतें स्थिर और मामूली गिरावट के बीच बनी हुई हैं. 'गुड रिटर्न्स' के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आज चांदी की दरें इस प्रकार हैं. यह भी पढ़ें: Silver Price Today Feb 17: सोने के बाद चांदी के दाम में भारी गिरावट, जानें दिल्ली-मुंबई समेत अपने शहर का आज का ताजा रेट
आज के भाव: प्रति ग्राम और किलोग्राम
| वजन | आज की कीमत (INR) | कल की कीमत (INR) | बदलाव (INR) |
| 1 ग्राम | 259.90 | 260.00 | - 0.10 |
| 10 ग्राम | 2,599 | 2,600 | - 1.00 |
| 100 ग्राम | 25,990 | 26,000 | - 10.00 |
| 1 किलोग्राम | 2,59,900 | 2,60,000 | - 100.00 |
शहरों के अनुसार कीमतों का विवरण
जहां दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगर राष्ट्रीय औसत के साथ चल रहे हैं, वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में स्थानीय मांग और करों (Levies) के कारण कीमतें थोड़ी अधिक बनी हुई हैं.
18 फरवरी 2026 को प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम):
- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे: ₹2,59,900
- चेन्नई, हैदराबाद, केरल: ₹2,64,900
- बेंगलुरु, अहमदाबाद, वडोदरा: ₹2,59,900
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
जनवरी 2026 के अंत में चांदी 4.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर थी, लेकिन तब से इसमें लगभग 25 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है. विश्लेषकों ने इस गिरावट के पीछे निम्नलिखित कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:
- डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए कीमती धातुएं महंगी हो गई हैं, जिससे मांग में कमी आई है.
- मुनाफावसूली: साल की शुरुआत में आई जबरदस्त तेजी के बाद बड़े निवेशक अब अपनी पोजीशन बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं.
- कम ट्रेडिंग वॉल्यूम: अमेरिका और चीन के बाजारों में हालिया छुट्टियों के कारण व्यापारिक गतिविधियों में कमी आई है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
वर्तमान सुधार (Correction) के बावजूद, औद्योगिक क्षेत्र में चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है. सौर ऊर्जा (Solar Energy), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में चांदी की खपत खनन आपूर्ति से अधिक है. तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी की 'ओवरबॉट' (अत्यधिक खरीद) की स्थिति अब सामान्य हो रही है और किसी बड़ी रिकवरी से पहले बाजार कुछ समय तक इसी स्तर पर बना रह सकता है.












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