मध्य प्रदेश के इंदौर की पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी (Rohini Ghavari) ने आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद (MP Chandrashekhar) पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं. बुधवार दोपहर 2 बजे के करीब रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार कई पोस्ट कर सुसाइड की धमकी दी. उन्होंने लिखा, “आप सब को मेरा अंतिम अलविदा, आज ही तेरे नाम का जहर खाऊंगी. तूने मुझे खत्म कर दिया.” इसके साथ ही उन्होंने पीएम कार्यालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि “मेरी लाश भी भारत वापस मत लाना. किसी ने नहीं सुनी मेरी, सब अपराधी का साथ देते रहे हैं.”
बीजेपी पर लगाया चंद्रशेखर को बचाने का आरोप
रोहिणी ने अपने पोस्ट में BJP पर भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर को बचाने के लिए उसे समर्थन दिया जा रहा है. उनके अनुसार, उनकी शिकायतों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिससे वे खुद को अकेला और असहाय महसूस कर रही हैं.
रोहिणी घावरी का पोस्ट
यह फोटो पहले क्यों नहीं डाले हरामज़ादे मेरा जीवन बर्बाद कर के खुशियाँ मना रहा है आज ही तेरे नाम पर ज़हर खाऊँगी तूने मुझे ख़त्म कर दिया !!@PMOIndia @narendramodi मेरी लाश भी भारत वापस मत लाना किसी ने नहीं सुनी मेरी सब अपराधी का साथ देते रहे !!
तुम सब को मेरा अंतिम अलविदा !! pic.twitter.com/hOZVXboDZ1
— Dr. Rohini Ghavari ( रोहिणी ) (@DrRohinighavari) September 24, 2025
पुरानी शिकायतें और लगाए गए आरोप
रोहिणी ने इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और सोशल मीडिया के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई थी. उनका दावा है कि, चंद्रशेखर ने उनसे शादी का वादा करके तीन साल तक रिश्ता रखा और बाद में धोखा दिया. उन्होंने धमकी दी कि अगर रिश्ता तोड़ा गया तो वे उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देंगे. रोहिणी का कहना है कि चंद्रशेखर ने अपनी शादीशुदा स्थिति उनसे छुपाई थी. चुनाव जीतने के बाद उनका व्यवहार बदल गया और उन्होंने दूरी बनाना शुरू कर दी.
भावनात्मक शोषण का दावा
रोहिणी ने अपने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “मुझे रात में 3-3 बजे रो-रोकर इस रिश्ते में जबरदस्ती बांधे रखता था. अगर छोड़ती तो मरने की धमकी देता था. उस दिन मर जाता तो अच्छा होता.” उनका आरोप है कि लगातार मानसिक दबाव और धमकियों ने उन्हें तोड़ दिया.
कौन हैं रोहिणी घावरी?
डॉ. रोहिणी घावरी वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और स्विट्जरलैंड में पीएचडी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि न सिर्फ उनकी भावनाओं से खेला गया, बल्कि अब उनकी प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा दी गई है.













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