Viral Video: मुस्लिम कैब ड्राइवर का नाम देख रद्द की गई राइड, वीडियो वायरल; सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया है. अब इसका असर दिल्ली-एनसीआर में भी देखने को मिल रहा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे दिल्ली के मुस्लिम कैब ड्राइवर आलमीन ने रिकॉर्ड किया है.
Delhi NCR News: पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया है. अब इसका असर दिल्ली-एनसीआर में भी देखने को मिल रहा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे दिल्ली के मुस्लिम कैब ड्राइवर आलमीन ने रिकॉर्ड किया है. वीडियो में आलमीन ने दावा किया है कि उसके मुस्लिम होने की वजह से दो कैब राइड कैंसिल कर दी गईं. हालांकि, वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है.
अलामीन के मुताबिक, एक राइड एक महिला ने बुक की थी, जिनका नाम प्रियंका है और वो दिल्ली की हमदर्द यूनिवर्सिटी में पढ़ाती हैं.
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मुस्लिम कैब ड्राइवर का नाम देख रद्द की गई राइड
#पहलगाम हमले की आंच दिल्ली-एनसीआर तक: मुस्लिम कैब ड्राइवर की राइड नाम देखकर रद्द, वीडियो #वायरल।#दिल्ली-एनसीआर: पहलगाम हमले के बाद उपजे तनाव का असर अब देश की राजधानी तक दिखाई देने लगा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे एक कैब चालक अलामीन ने रिकॉर्ड किया… pic.twitter.com/TDzKSoPO2m
— UttarPradesh.ORG News (@WeUttarPradesh) April 27, 2025
नाम जानकर राइड कैंसिल की
उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रियंका ने ड्राइवर को उसके नाम से पहचाना तो तुरंत राइड कैंसिल कर दी गई. सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि प्रियंका उसी संस्थान में पढ़ाती हैं जिसकी स्थापना मुस्लिम समुदाय ने की है. इससे आलमीन को और भी ठेस पहुंची. वीडियो में आलमीन ने दुख जताते हुए कहा कि एक तरफ लोग मुस्लिम संस्थानों में काम करते हैं, उनकी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ उनके मुस्लिम नाम देखकर उनसे दूरी बना लेते हैं.
आलमीन ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अब यह तय है कि मुसलमानों के साथ ऐसा भेदभाव होगा?
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कई लोगों ने अलामीन के समर्थन में आवाज उठाई और इस तरह के भेदभाव की कड़ी निंदा की. वहीं कुछ लोग मौजूदा हालात का हवाला देते हुए इसे "सुरक्षा के लिहाज से एहतियात" करार दे रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि अगर नाम और पहचान के आधार पर भेदभाव बढ़ेगा, तो समाज में भरोसा कैसे बचेगा?
पहलगाम हमले जैसी घटनाएं देश को झकझोरती जरूर हैं, लेकिन उनका असर निर्दोष लोगों की जिंदगी पर नहीं पड़ना चाहिए. धर्म या पहचान के आधार पर किसी के साथ भेदभाव करना न केवल गलत है, बल्कि देश की सामाजिक एकता के लिए भी खतरनाक है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2025 09:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

