IND-PAK Border Indian Army Video: अटारी-वाघा बॉर्डर पर देशभक्ति की सुनामी, बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में भारतीय जवानों का जोश देख गर्व से चौड़ा हुआ सीना
भारतीय सेना के जवानों की अनुशासित कतारबद्ध चाल, शानदार पोशाक और अटूट उत्साह ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया. मार्च के दौरान उनके हाव-भाव, उनकी दृढ़ता और उनके चेहरे पर देशप्रेम की चमक सभी को मंत्रमुग्ध कर रही थी.
Republic Day 2024 Beating Retreat Ceremony: 26 जनवरी 2024 को पंजाब के अमृतसर स्थित अटारी-वाघा सीमा पर आयोजित होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह ने एक बार फिर से देशवासियों के दिलों में देशभक्ति का ज्वार ला दिया. हाल ही में सामने आए वीडियो में भारतीय और पाकिस्तानी सेना के जवानों को तेज कदमों से मार्च करते देखना एक अद्भुत अनुभव था.
समारोह का शुभारंभ भव्य तिरंगे को फहराकर हुआ, जिसने सीमा पर उपस्थित हजारों दर्शकों के दिलों को गर्व से भर दिया. भारतीय सेना के जवानों की अनुशासित कतारबद्ध चाल, शानदार पोशाक और अटूट उत्साह ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया. मार्च के दौरान उनके हाव-भाव, उनकी दृढ़ता और उनके चेहरे पर देशप्रेम की चमक सभी को मंत्रमुग्ध कर रही थी.
VIDEO | Beating retreat ceremony underway at the Attari-Wagah Border in Amritsar on occasion of the 75th Republic Day. pic.twitter.com/P5nzG1NWYV
— Press Trust of India (@PTI_News) January 26, 2024
वहीं, पाकिस्तानी सेना के जवानों ने भी अपने जज्बे का प्रदर्शन किया. दोनों सेनाओं के जवानों के बीच अनुशासित मार्च और टकराते कदमों का यह नजारा एक अनोखा दृश्य था, जो सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक था.
#WATCH | Beating retreat ceremony held at the Attari-Wagah border in Punjab's Amritsar on #RepublicDay2024 pic.twitter.com/EwAcL0C8xe
— ANI (@ANI) January 26, 2024
समारोह का विशेष आकर्षण था परेड के साथ चलने वाले बैंड का संगीत. वीर रस के जूझार गीतों ने हवा में जोश भरा और दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया. "सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तान हमारा," "वंदे मातरम," जैसे देशभक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को देशप्रेम से सराबोर कर दिया. जैसे ही समारोह समाप्त हुआ, दोनों देशों के जवानों ने एक-दूसरे को सलामी दी और गर्मजोशी से हाथ मिलाया.
अटारी-वाघा सीमा पर बीटिंग रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह समारोह केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह सीमा पार दो पड़ोसी देशों के बीच मानवता और आपसी सम्मान का भी प्रतीक है. हर साल यह समारोह लाखों दर्शकों को आकर्षित करता है और उन्हें राष्ट्रीय गौरव से भर देता है.
इस साल का समारोह भी उसी उत्साह और जोश के साथ मनाया गया. भारतीय सेना के जवानों के अदम्य हौसले और देशभक्ति के जज्बे ने फिर से साबित कर दिया कि हम हमेशा अपने वतन की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 26, 2024 05:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

