दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है. 10 नवंबर को लाल किले के पास ब्लास्ट होने वाली Hyundai i20 कार चलाने वाले उमर नबी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. इस वीडियो में उमर “शहादत ऑपरेशन” और “सुसाइड बॉम्बिंग” जैसे खतरनाक विचारों पर बात करते हुए दिखाई देता है.
करीब 1 मिनट 20 सेकंड के इस कथित वीडियो में उमर एक कमरे में कुर्सी पर बैठकर बोलते हुए नजर आता है. वह दावा करता है कि “शहादत ऑपरेशन” को लेकर कई तरह की बहसें होती हैं, लेकिन “सुसाइड बॉम्बिंग” को लोग गलत तरीके से समझते हैं. उसके अनुसार, यह “एक शहादत मिशन” है, जहां व्यक्ति अपनी मौत को निश्चित मानकर किसी जगह पर जाता है. उमर कहता है, “सुसाइड बॉम्बिंग एक गलत समझा गया कॉन्सेप्ट है… यह शहादत ऑपरेशन है.”
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वे इसकी सत्यता की जांच कर रहे हैं. पुलिस सूत्रों का मानना है कि उमर ने यह वीडियो पहले ही रिकॉर्ड कर लिया था और फिर इसे अपने साथियों तक पहुंचाया होगा.
सुसाइड बॉम्बिंग पर उमर का वीडियो
Unseen footage - 'Misunderstood concept of suicide bombing': #DelhiRedFort blast accused Umar Un Nabi’s chilling radicalisation video surfaces
More details 🔗https://t.co/1zNmGkjEwF pic.twitter.com/pPUzRv7aH8
— The Times Of India (@timesofindia) November 18, 2025
जांच में जुटी NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल
लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच NIA और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल मिलकर कर रहे हैं. जांच में पता चला कि उमर हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम कर रहा था.
पहले अधिकारियों ने यह भी बताया था कि उमर की पहचान डीएनए टेस्ट से पक्की हुई. उसकी मां से लिए गए डीएनए सैंपल ने पुष्टि की कि कार ड्राइव करने वाला वही था. जांच में एक जली हुई टांग का हिस्सा, जो एक्सेलेरेटर के पास मिला था, और कार के मलबे के पास पाई गई एक काली स्पोर्ट्स शू—ये दोनों अहम फॉरेंसिक सबूत थे.
उमर के दो साथी गिरफ्तार
NIA ने उमर के दो करीबी साथियों को गिरफ्तार किया है. पुलवामा के आमिर राशिद अली और अनंतनाग के कासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को. जांच एजेंसी के अनुसार, जिस Hyundai i20 कार में विस्फोट हुआ, वह आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड थी.
NIA के एक प्रवक्ता ने बताया, “आमिर दिल्ली आया था ताकि कार की खरीद में मदद कर सके. बाद में यही कार वाहन-आधारित IED के रूप में इस्तेमाल की गई.”













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