सैफ अली खान के अस्पताल से बाहर निकलते ही हमले पर छिड़ी बहस, असलियत या एक्टिंग? उठे सवाल
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले को लेकर अब विवाद गरमा गया है. सैफ अली खान जैसे ही अस्पताल से निकले उनपर हुए हमले पर बहस छिड़ गई. जहां कुछ लोग सैफ की तेजी से हुई रिकवरी पर सवाल उठा रहे हैं.
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले को लेकर अब विवाद गरमा गया है. सैफ अली खान जैसे ही अस्पताल से निकले उनपर हुए हमले पर बहस छिड़ गई. जहां कुछ लोग सैफ की तेजी से हुई रिकवरी पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कई लोग उनकी बहादुरी और साहस की तारीफ कर रहे हैं. महाराष्ट्र में इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, और इस पर बयानबाजी तेज हो चुकी है.
सैफ जिस अंदाज में अस्पताल से बाहर निकले उसपर बहस छिड़ी हुई है. सीधे शब्दों में कहें तो सैफ अली खान पर हमले की पूरी बहस अब असली और नकली पर आकर रूक गई है. महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने तो यहां तक कह दिया कि ऐसा कौन सा गंभीर हमला था, जिसमें 5 दिन बाद व्यक्ति पूरी तरह से फिट नजर आ रहा है.
हाथ में पट्टी, आंखों पर चश्मा... अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सैफ अली खान, सामने आया पहला Video.
हमले पर नितेश राणे का बयान
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने सैफ अली खान पर हुए हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह "दांतों तले उंगली दबाने" जैसा मामला था. राणे ने अभिनेता की अस्पताल से तेज़ी से छुट्टी मिलने और घर लौटने के तरीके को लेकर कहा कि ऐसा लगता है, जैसे वह घायल नहीं हुए थे, बल्कि कोई फिल्मी सीन निभा रहे थे.
उन्होंने यह भी कहा, "सैफ को अस्पताल से चलते हुए देखकर यह शक होता है कि क्या वह सच में घायल हुए थे या यह सब एक दिखावा था. जब किसी खान अभिनेता को चोट लगती है, तो हर कोई उसकी बात करता है. लेकिन जब किसी हिंदू अभिनेता, जैसे सुशांत सिंह राजपूत, के साथ अन्याय होता है, तो कोई आवाज नहीं उठाता."
संजय निरुपम ने उठाए सवाल
शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि सैफ की रिकवरी सामान्य से तेज रही. उन्होंने कहा, "छह घंटे की सर्जरी के बाद कोई व्यक्ति चार दिन में ठीक होकर कैसे घर लौट सकता है? क्या यह मेडिकल साइंस का करिश्मा है या कुछ और? परिवार को इस पर खुलकर बात करनी चाहिए, ताकि इस मामले को लेकर उठ रहे सवाल शांत हो सकें."
सैफ के समर्थन में आए कई लोग
जहां एक ओर सैफ अली खान की चोट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं. अभिनेत्री और निर्देशक पूजा भट्ट ने इन आलोचनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सैफ ने खुद को अस्पताल में भर्ती कराया और इतनी बड़ी चोट के बावजूद ठीक होकर घर लौटे. उन्होंने कहा, "सैफ ने एक मिसाल पेश की. उनकी बहादुरी की तारीफ करने के बजाय लोग साजिश की कहानियां बना रहे हैं. यह शर्मनाक है."
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने सैफ की तुलना "शेर" से करते हुए कहा कि वह घायल अवस्था में भी साहसिक तरीके से खड़े रहे. उन्होंने कहा, "सैफ को घर लौटता देख खुश होना चाहिए. यह उनकी ताकत और साहस का प्रतीक है."
राजनीतिक मुद्दा बन गया सैफ पर हुआ हमला
सैफ अली खान पर हमला न केवल एक आपराधिक मामला बनकर रह गया है, बल्कि यह एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है. नितेश राणे ने इस घटना को अवैध प्रवासियों से जोड़ते हुए कहा, "बांग्लादेशी अब मुंबई में सड़कों से उठकर घरों में घुसने लगे हैं. यह घटना हमें सतर्क रहने की चेतावनी देती है."
वहीं, एनसीपी नेता रोहित पवार ने राणे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, "बयानबाजी करने से बेहतर होगा कि सीमाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं."
CCTV में दिख रहा शख्स मेरा बेटा नहीं
सैफ अली खान के घर में उन पर जानलेवा हमला करने के आरोपी मो. शरीफुल इस्लाम शहजाद के पिता रुहुल अमीन का कहना है कि सैफ के घर से मिले सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा शख्स उनका बेटा नहीं है. आरोपी शरीफुल इस्लाम के पिता ने कहा, ''सैफ अली खान के घर से मिले सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा व्यक्ति मेरा बेटा नहीं है. उस शख्स के बाल बहुत लंबे हैं, जबकि मेरा बेटा आमतौर पर अपने बाल छोटे रखता है.''
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 23, 2025 10:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

