Rajasthan Shocker: बूंदी में ठगी करने आए युवक को ग्रामीणों ने जूते चाटने पर किया मजबूर, वीडियो वायरल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

बूंदी, 4 मई: राजस्थान (Rajasthan) के बूंदी जिले (Bundi District) के हिंडोली थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है.  यहाँ काबरी गांव (Kabri Village) में सरकारी अधिकारी बनकर ठगी करने आए एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और उसे सजा के तौर पर जूते चाटने के लिए मजबूर किया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है.

पुलिस के अनुसार, रेन गांव का निवासी मानराज प्रजापत शनिवार को काबरी गांव पहुँचा था. उसने खुद को ग्राम विकास अधिकारी (VDO) बताया और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा दिया. उसने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर दिलाने के नाम पर महिलाओं से 1,000 से 2,000 रुपये तक की 'औपचारिक फीस' मांगनी शुरू कर दी.

कुछ महिलाओं ने उसे पैसे दे भी दिए थे, लेकिन युवक के व्यवहार और दस्तावेजों की कमी के कारण ग्रामीणों को उस पर संदेह हो गया. यह भी पढ़ें: Rajasthan Shocker: झालावाड़ में खौफनाक वारदात! पत्नी ने दांत से काटी पति की जीभ, फिर की खुदकुशी की कोशिश (Watch Video)

पकड़े जाने पर जूते से दी 'सजा'

जब ग्रामीणों ने मानराज से उसका पहचान पत्र मांगा, तो वह कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका.  सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि वह सरकारी कर्मचारी नहीं है और वसूले गए पैसे वापस कर दिए.

हालांकि, ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले करने के बजाय मौके पर ही सजा देने का फैसला किया.  वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति उसे तीन बार जूते के तलवे चाटने पर मजबूर कर रहा है. इस घटना का वीडियो बनाने और सजा दिलाने वाले व्यक्ति की पहचान लोकेश मीणा के रूप में हुई है. यह भी पढ़ें: Rajasthan Shocker: राजस्थान के हनुमानगढ़ में ‘लिव-इन’ में रह रहे महिला-पुरुष के शव घर में मिले

पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी

वीडियो वायरल होने के बाद हिंडोली पुलिस ने जांच शुरू की है. सर्कल इंस्पेक्टर मुकेश यादव ने बताया कि हालांकि युवक ने धोखाधड़ी की कोशिश की बात स्वीकार की है, लेकिन ग्रामीणों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. वहीं, मानराज ने भी अपने साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर कोई शिकायत नहीं दी है.

पुलिस ने लोकेश मीणा को कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी अधिकारी की साख की जांच जरूर करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर कानून हाथ में लेने के बजाय सीधे पुलिस को सूचित करें.