Rahul Gandhi Citizenship Case: राहुल गांधी नागरिकता विवाद मामला, इलाहाबाद HC कल सुनेगा कांग्रेस नेता का पक्ष, FIR के आदेश पर फिलहाल रोक

लाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच सोमवार को राहुल गांधी की नागरिकता संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगी. कोर्ट ने पूर्व में दिए गए FIR के मौखिक आदेश को संशोधित करते हुए अब राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया है.

(Photo Credits ANI)

Rahul Gandhi Citizenship Case:  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़ी याचिका पर सोमवार, 20 अप्रैल को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी. कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में सुधार करते हुए अब राहुल गांधी को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानने का निर्णय लिया है. इससे पहले, अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को इस मामले में जांच शुरू करने और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने का मौखिक निर्देश दिया था, जिस पर अब फिलहाल रोक लग गई है.

कोर्ट ने अपने आदेश में क्यों किया संशोधन?

जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने शनिवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु का उल्लेख किया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 528 के तहत किसी भी संभावित आरोपी के खिलाफ आदेश जारी करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर दिया जाना अनिवार्य है.  यह भी पढ़े:  मित शाह मानहानि मामले में राहुल गांधी को गुजरात कोर्ट से बड़ी राहत, मिली जमानत

अदालत ने 'जगन्नाथ वर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि प्रस्तावित अभियुक्त को सुने बिना एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देना कानूनी रूप से उचित नहीं होगा. इसी आधार पर कोर्ट ने खुले सत्र में दिए गए अपने पिछले आदेश को रोकते हुए मामले को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया है.

क्या है नागरिकता से जुड़ा विवाद?

यह मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर आधारित है. याचिकाकर्ता का दावा है कि:

याचिकाकर्ता ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) और पासपोर्ट अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है.

पहले भी खारिज हो चुकी हैं ऐसी याचिकाएं

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाए गए हैं. साल 2019 में भी तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने वाली ऐसी ही एक याचिका को खारिज कर दिया था. कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को हमेशा 'आधारहीन' और 'राजनीति से प्रेरित' बताया है.

कल की सुनवाई के मायने

सोमवार को होने वाली सुनवाई काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें यह तय होगा कि क्या राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई दम है या नहीं. उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही सुझाव दिया है कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जा सकती है. फिलहाल, कानूनी विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि राहुल गांधी की ओर से अदालत में क्या दलीलें पेश की जाती हैं.

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