Punjab Civic Body Election Results 2026: पंजाब में हुए स्थानीय निकाय चुनावों (Municipal Elections 2026) के सभी 1,977 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं. राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन चुनावों में अपना जबरदस्त दबदबा कायम रखते हुए करीब 48 प्रतिशत सीटों पर एकतरफा जीत हासिल की है. राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने 957 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस 397 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2027 में होने वाले आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले इन नतीजों को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है.
आम आदमी पार्टी का शानदार प्रदर्शन
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने शहरी और अर्ध-शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की है. राज्य की 8 प्रमुख नगर निगमों (मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट) में से पांच पर आप (AAP) ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. इनमें बरनाला, बटाला, मोगा, मोहाली और बठिंडा शामिल हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस जीत को सरकार के विकास कार्यों और सुशासन पर जनता की मुहर बताया है. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर पंजाब के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है. यह भी पढ़े: Assembly Bypoll Results 2025 LIVE: AAP की दोहरी जीत पर गदगद हुए अरविंद केजरीवाल, बोले, ‘जनता ने बीजेपी-कांग्रेस दोनों को नकारा
दूसरे स्थान पर रही कांग्रेस, आंतरिक गुटबाजी बनी चुनौती
इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी 397 वार्ड जीतकर दूसरे स्थान पर तो रही, लेकिन वह सत्तारूढ़ दल को वैसी कड़ी टक्कर नहीं दे सकी जैसी लोकसभा चुनावों के दौरान देखी गई थी. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रभाव वाले क्षेत्र चमकौर साहिब और कपूरथला में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राज्य के कई बड़े कस्बों और नगर पालिकाओं में आंतरिक गुटबाजी के चलते कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गृह क्षेत्र गिद्दरबाहा की 19 सीटों में से 17 पर 'आप' ने जीत हासिल की, जो कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
निर्दलीय और अकाली दल तीसरे-चौथे स्थान पर
इस चुनावी मुकाबले में निर्दलीय उम्मीदवारों ने चौंकाने वाला प्रदर्शन करते हुए 251 वार्डों पर जीत हासिल की है और वे तीसरे स्थान पर रहे हैं. शिरोमणि अकाली दल (SAD) केवल 191 वार्डों में सिमट कर चौथे स्थान पर रही. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भले ही महज 167 वार्डों पर जीत दर्ज की हो और वह पांचवें स्थान पर रही हो, लेकिन उसने शहरी क्षेत्रों में अपनी सीटों की संख्या 2021 की तुलना में 49 से बढ़ाकर 167 कर ली है. इसके अलावा बीजेपी ने अबोहर नगर निगम में बहुमत हासिल किया है और पठानकोट में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 7 सीटों पर सफलता मिली है.
विपक्ष ने लगाया सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
चुनाव परिणाम आने के बाद विपक्ष के नेताओं ने सत्तारूढ़ पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पंजाब कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं का आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक मशीनरी और पुलिस बल का दुरुपयोग किया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे आमतौर पर सत्ताधारी दल के पक्ष में ही जाते हैं, इसलिए इसे 2027 का अंतिम जनादेश नहीं माना जा सकता.
2027 विधानसभा चुनाव पर संभावित असर
पंजाब में कुल 102 स्थानीय निकायों (8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत) के लिए 26 मई को बैलेट पेपर के जरिए मतदान हुआ था, जिसमें 63.94 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी. इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में जमीनी स्तर पर आम आदमी पार्टी का आधार मजबूत बना हुआ है. हालांकि, बीजेपी का बढ़ता ग्राफ और कांग्रेस की मौजूदगी यह संकेत देती है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला बहु-कोणीय और बेहद दिलचस्प होने वाला है.











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