पुणे, 15 मई: पुणे के एक स्थानीय फल व्यापारी सयूग ज़ेंडे को पाकिस्तान से कथित तौर पर एक धमकी भरा वॉइस नोट मिला है. यह घटना उस वक्त सामने आई जब पुणे के फल व्यापारियों ने तुर्की से आयातित सेबों के बहिष्कार का निर्णय लिया था. पुणे के मार्केटयार्ड में फल व्यवसाय करने वाले ज़ेंडे ने दावा किया कि इस वॉइस नोट में भारत विरोधी गालियां दी गईं और पाकिस्तान व तुर्की को चुनौती देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई. ज़ेंडे ने बताया कि सुबह 9 बजे के आसपास उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आनी शुरू हुईं. जब उन्होंने कॉल नहीं उठाई, तो उसी नंबर से उन्हें एक वॉइस नोट भेजा गया.
इस वॉइस नोट में कहा गया कि भारत कुछ नहीं बिगाड़ सकता ना तुर्की का और ना ही पाकिस्तान का. यह धमकी सीधी उस बहिष्कार से जुड़ी है, जो स्थानीय व्यापारियों ने हाल ही में किया है.
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तुर्की के सेब का बहिष्कार
दरअसल, पुणे के कृषि उत्पन्न बाजार समिति (APMC) के व्यापारियों ने तुर्की के उन बयानों के विरोध में यह बहिष्कार किया, जिसमें तुर्की ने भारत के सैन्य ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना की थी. यह ऑपरेशन भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाया था, जिसमें एक लश्कर-ए-तैयबा आतंकी ने 26 निर्दोष लोगों की जान ली थी.
इस बहिष्कार के तहत पुणे में अब तुर्की से आने वाले सेब ही नहीं, बल्कि लीची, चेरी, आलूबुखारा और सूखे मेवे भी बाजार से हटाए जा रहे हैं. पुणे में सालाना 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा के फल तुर्की से आयात किए जाते हैं.
व्यापारियों की पुलिस से मांग
धमकी भरा वॉइस नोट मिलने के बाद ज़ेंडे ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी है. साथ ही, पुणे के व्यापारियों ने इस मामले को लेकर पुणे पुलिस कमिश्नर से मिलने की योजना भी बनाई है. व्यापारी समुदाय इस धमकी से चिंतित जरूर है, लेकिन उन्होंने कहा कि वो अपने फैसले पर अडिग रहेंगे और तुर्की के उत्पादों का बहिष्कार जारी रहेगा.
जवाब में भेजा गया वॉइस नोट
सयूग ज़ेंडे ने भी चुप्पी नहीं साधी. उन्होंने बताया कि उन्होंने भी जवाब में एक वॉइस नोट भेजा है, जिसमें उन्होंने धमकी देने वालों को दो टूक जवाब दिया और भारत की गरिमा के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त न करने का संदेश दिया.













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