पुडुचेरी: पुडुचेरी (Puducherry) में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) के लिए प्रचार तेज करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने सोमवार को सत्ताधारी एआईएनआरसी-भाजपा (AINRC-BJP) गठबंधन पर कड़ा प्रहार किया. एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने सरकार पर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट (Public Health Crisis) को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और दावा किया कि केंद्र शासित प्रदेश नकली दवाओं (Counterfeit Medicines) के निर्माण और वितरण का केंद्र बन गया है. यह भी पढ़ें: Kerala Assembly Elections 2026: कन्नूर रैली में राहुल गांधी का वामपंथ पर तीखा हमला, एलडीएफ-बीजेपी गठबंधन का लगाया आरोप
नकली दवाओं का मुद्दा: 'यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, हत्या है'
राहुल गांधी ने अपने भाषण में नकली दवाओं के मुद्दे को बेहद संवेदनशील बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर नकली दवाएं बनाई जा रही हैं, जो न केवल पुडुचेरी बल्कि पूरे भारत में सप्लाई की जा रही हैं.
गांधी ने कड़े शब्दों में कहा, "यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं है—यह हत्या है. नकली दवाएं निर्दोष लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही हैं". उन्होंने प्रशासन पर बार-बार चेतावनी के बावजूद अवैध गतिविधियों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया.
'30 प्रतिशत कमीशन' और संस्थागत भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस नेता ने सरकारी ठेकों में व्यापक भ्रष्टाचार का दावा करते हुए कहा कि मौजूदा शासन में भ्रष्टाचार "संस्थागत" हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि हर सरकारी अनुबंध पर व्यवस्थित रूप से '30 प्रतिशत कमीशन' वसूला जा रहा है. राहुल गांधी के अनुसार, इस स्थिति ने शासन में जनता के विश्वास को कमजोर कर दिया है.
आर्थिक गिरावट और औद्योगिक संकट
पुडुचेरी की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए गांधी ने कहा कि यहां के कभी फलते-फूलते औद्योगिक और कपड़ा क्षेत्र अब पतन की ओर हैं. उन्होंने दावा किया कि नीतिगत विफलताओं और खराब शासन के कारण सैकड़ों कारखाने बंद हो गए हैं, जिससे युवाओं में बेरोजगारी और आर्थिक संकट बढ़ गया है.
कांग्रेस का रोडमैप और चुनावी वादे
राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि यदि कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आता है, तो शासन में पारदर्शिता लाना और आर्थिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना उनकी प्राथमिकता होगी. उन्होंने निवेशकों और लघु उद्योगों में विश्वास बहाली पर जोर दिया.
स्थानीय शासन को मजबूत करने का वादा करते हुए उन्होंने घोषणा की कि वर्षों से लंबित निकाय चुनाव सत्ता में आने के छह महीने के भीतर कराए जाएंगे। साथ ही, प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे.













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