यूपी में बुजुर्गों की दोस्त बनी 'प्रोजेक्ट एल्डरलाइन', अपनों से बिछड़े और फुटपाथ पर जीवन बिताने को मजबूर लोगों की कर रही है मदद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, 2 जून: यूपी में अपनों से बिछड़े और सड़क व फुटपाथ पर जीवन बिताने को मजबूर बुजुर्गों के लि की पहल काफी मददगार साबित हो रही है. ' प्रोजेक्ट एल्डरलाइन' के तहत यूपी में शुरू की गई टोल फ्री हेल्पलाइन 14567 नम्बर पर जानकारी मिलने पर ऐसे अनेक लोगों की रोज मदद की जा रही है. इस योजना के तहत बुजुर्गों की चिंता करना, समय पर उनको इलाज दिलाना और साथ में भावनात्मक सहयोग देने का काम किया जा रहा है. इसके तहत न केवल बुजुर्गों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है बल्कि उनको बीमारी से बचाने का भी काम हो रहा है. यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ने तेलंगाना स्थापना दिवस की बधाई दी, कहा- राज्य को अनूठी संस्कृति और मेहनती लोगों का आशीर्वाद प्राप्त

यूपी में यह सुविधा 14 मई से लागू की गई है. प्रत्येक दिन विभिन्न जनपदों से जरूरतमंदों के 80 से 90 फोन आ रहे हैं. सुबह आठ बजे से शाम के आठ बजे तक कॉल सेंटरों के माध्यम से बुजुर्गों की सहायता की जा रही है. टोल फ्री हेल्पलाइन पर फिजियोथेरेपी, स्वास्थ्य संबंधी, मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के साथ कानूनी मु्ददों पर जानकारी के लिए आने वाले प्रश्नों का त्वरित समाधान भी किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को टाटा ट्रस्ट और एनएसई फाउंडेशन की सहायता से संचालित किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी के 75 जिलों में वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं और बीमारी से बचाव के उपाय बताने में टोल फ्री हेल्पलाइन बड़ा सहयोग दे रही है. राज्य में महामारी के दौरान हेल्पलाइन 14567 जरूरतमंद बुजुर्गों को इलाज दिलाने और उनको दवाईयां पहुंचाने समेत अन्य सुविधाएं मुहैया करा रही है.

कासगंज में भूख से तड़प रही बुजुर्ग महिला को मिला ओल्ड ऐज होम का सहाराकासगंज के पंचायत बाग में सड़क किनारे भूख से तड़प रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एल्डरलाइन से मदद मिली. कोविड-19 टोल फ्री हेल्पलाइन 14567 पर कॉल कर महिला की दुर्दशा की जानकारी लोगों ने दी जिसके बाद मौके पर पहुंचे फील्ड रिस्पांस लीडर ने पुलिस और तहसीलदार की मदद से बुजुर्ग महिला को ओल्ड ऐज होम में पहुंचाया. कोरोना संक्रमण की जांच के लिए उनकी एंटीजन जांच कराई गई जिसमें वो नेगिटिव पाई गई. यह भी पढ़ें: यूपी में बीजेपी का महामंथन, सामाजिक सरोकारों पर जोर, कार्यकर्ताओं में बनेगी एकजुटता

उत्तराखंड के खटीमा से चंदौसी अपनी बेटी से मिलने आए बुजुर्ग को बेटी ने घर में आने से मना कर दिया जिसके बाद वो चंदौसी बस स्टॉप पर ही पड़े रहे. हेल्पलाइन पर फोन आने के बाद एल्डरलाइन की टीम ने उनकी मदद की बुजुर्ग व्यक्ति पूर्व सैनिक रहे हैं और उन्होंने अपना नाम महेश कुमार रस्तोगी बताया. बचाव करने पहुंची टीम ने 112 ओर पीआरवी की मदद से बुजुर्ग व्यक्ति को भोजन कराया और उसको उत्तराखंड अपने घर तक पहुंचाने में मदद की.

कोरोना काल में यूपी वयोवृ्द्ध लोगों को भावनात्मक सहयोग, स्वास्थ्य और कानूनी सहायत देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से योगी सरकार ने भारत सरकार की योजना को उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया है. प्रोजेक्ट एल्डरलाइन के तहत बुजुर्गों की चिंताओं और शिकायतों को दूर किया जा रहा है.