Prayagraj Traffic Update: आज कैसा है प्रयागराज का ट्रैफिक, अभी कितनी गाड़ियां हैं 'रोड अरेस्ट'? यहां जानें लेटेस्ट अपडेट (Watch Video)
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. रविवार को पूर्णिमा स्नान से पहले लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे, जिससे हाईवे, सड़कें और रेलवे स्टेशन पर जबरदस्त भीड़ देखने को मिली.
Prayagraj Traffic Update: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. रविवार को पूर्णिमा स्नान से पहले लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे, जिससे हाईवे, सड़कें और रेलवे स्टेशन पर जबरदस्त भीड़ देखने को मिली. इस दौरान शहर के कई हिस्सों में घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. ट्रैफिक जाम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया. शहर के अंदर और बाहर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
पुलिस और ट्रैफिक विभाग लगातार व्यवस्था सुधारने में जुटे हुए हैं, लेकिन अनुमान से ज्यादा भीड़ के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. इसलिए ट्रैफिक सिस्टम सुधरने में कुछ दिन का समय लग सकता है.
प्रयागराज में यातायात अस्त-व्यस्त
कई लाख श्रद्धालु रास्तों में फंस गए
200 से 300 किलोमीटर लंबा जाम
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में ट्रैफिक की स्थिति और भी खराब हो गई. रविवार को जबलपुर, कटनी, मैहर, रीवा समेत कई इलाकों में 200 से 300 किलोमीटर लंबा जाम लग गया. कई श्रद्धालु घंटों तक अपनी गाड़ियों में ही फंसे रहे, जिससे यात्रा कष्टदायक हो गई.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जाम
सोशल मीडिया पर इस जाम को "दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम" कहा जाने लगा. कई लोगों ने ट्विटर और फेसबुक पर अपनी परेशानियों को साझा किया. एक यात्री ने लिखा, "जबलपुर से 15 किलोमीटर पहले जाम लगा है, अभी भी प्रयागराज 400 किलोमीटर दूर है!" वहीं, किसी ने कहा, "5 घंटे में सिर्फ 5 किलोमीटर ही आगे बढ़ पाया, फ्लाइट टिकट कैंसिल करनी पड़ी."
यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देखें
महाकुंभ में अब तक 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं और आगे भी भीड़ बढ़ने की संभावना है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक अपडेट देखने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं. पुलिस कई जिलों में वाहनों को रोक रही है और यात्रियों को अनावश्यक सफर न करने की सलाह दे रही है.
महाकुंभ की आस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार व्यवस्था सुधारने में जुटा हुआ है, लेकिन श्रद्धालुओं को भी अपनी यात्रा के दौरान धैर्य रखने की जरूरत है.