राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सरकार के विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सच में पिछड़ों और महिलाओं को अधिकार देना है तो मंदिर ट्रस्टों में 80% स्थान दलितों, पिछड़ों और जनजातियों को दिया जाए. उन्होंने सरकार के पुराने वादों और बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि जब वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण हो चुका है, तो अब कागजात मांगकर विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने सरकार पर मुस्लिमों की चिंता के नाम पर हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और विधेयक वापस लेने की मांग की. उनके बयानों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संजय सिंह तर्कहीन बातें कर रहे हैं.
Rajya Sabha Waqf Bill Live Updates: राज्यसभा में वक्फ बिल पर हंगामा, कांग्रेस ने बताया 'फेक नैरेटिव', बीजेपी पर लगाया ध्रुवीकरण का आरोप
लोकसभा से पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को राज्यसभा में पेश किया गया, जहां इस पर तीखी बहस जारी है. विपक्ष ने इसे संविधान पर हमला बताया, जबकि सरकार ने पारदर्शिता और अल्पसंख्यक संपत्तियों की सुरक्षा का तर्क दिया. अब बहुमत के आंकड़े पर सबकी नजरें टिकी हैं कि यह विधेयक पास होगा या हंगामा बढ़ेगा.
नई दिल्ली: लोकसभा से संशोधनों के साथ पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को आज राज्यसभा में पेश कर दिया गया है. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को सदन में रखा, जिस पर आठ घंटे की बहस के लिए समय निर्धारित किया गया है.
विपक्ष का तीखा हमला
लोकसभा में पारित होने के बाद राज्यसभा में भी इस विधेयक को लेकर राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है. कांग्रेस सांसदों ने इस विधेयक को संविधान पर हमला करार दिया. कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि यह बिल जबरन पारित किया गया और यह भाजपा की समाज को ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है.
राज्यसभा में नंबर गेम पर नजर
राज्यसभा में कुल 236 सदस्य हैं, जहां बहुमत के लिए 119 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है. बीजेपी के पास 98 सांसद हैं, जबकि सहयोगी दलों के समर्थन से उसे बहुमत हासिल करने की उम्मीद है. विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर एकजुट होने के संकेत दिए हैं, जिससे सदन में आज आर-पार की लड़ाई होने की संभावना है.
क्या कहती है सरकार?
सरकार का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक से अल्पसंख्यक समुदायों की संपत्तियों को बेहतर संरक्षण मिलेगा और इससे अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा. किरेन रिजिजू ने कहा कि यह विधेयक किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि पारदर्शिता लाने के लिए लाया गया है.
राज्यसभा में बिल पास होगा या हंगामा बढ़ेगा?
अब सभी की निगाहें राज्यसभा की बहस और वोटिंग पर टिकी हैं. क्या यह विधेयक आसानी से पारित हो जाएगा या विपक्ष की रणनीति के कारण सरकार को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा? यह देखना दिलचस्प होगा.