VIDEO: CM योगी की तारीफ करना पड़ा भारी, अखिलेश यादव ने सपा विधायक पूजा पाल को पार्टी से निकाला
समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल ने अपने पति राजू पाल की हत्या में न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की. इसके कुछ ही घंटों बाद, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निकाल दिया. यह मामला गैंगस्टर अतीक अहमद से जुड़ा था, जिसे राजू पाल की हत्या का दोषी माना जाता था.
SP MLA Pooja Pal Expelled From Samajwadi Party: उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा मोड़ आया. समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी विधायक पूजा पाल को पार्टी से निकाल दिया. वजह? पूजा पाल ने विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ कर दी थी, खासकर अपने पति की हत्या के मामले में न्याय दिलाने के लिए.
पूजा पाल ने विधानसभा में क्या कहा?
विधानसभा में बोलते हुए पूजा पाल ने कहा, "मेरे पति राजू पाल की हत्या किसने की, यह सब जानते हैं. मैं मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे न्याय दिलाया और मेरी बात सुनी, जब कोई और नहीं सुन रहा था."
उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री ने मेरे जैसी कई महिलाओं को न्याय दिया है. उनकी ज़ीरो टॉलरेंस (अपराध पर कोई नरमी नहीं) की नीति के कारण अतीक अहमद जैसे अपराधी खत्म हुए. आज पूरा प्रदेश उन पर भरोसे की नजर से देखता है."
पूजा पाल ने यह भी कहा, "मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने मिट्टी में मिलाने का काम किया. जब मैं अतीक अहमद जैसे अपराधियों के खिलाफ लड़ते-लड़ते थकने लगी थी, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे न्याय दिया."
समाजवादी पार्टी ने क्या कहा?
पूजा पाल के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से निकालने का आदेश जारी कर दिया. पार्टी की तरफ से कहा गया कि पूजा पाल को "पार्टी विरोधी गतिविधियों" और "गंभीर अनुशासनहीनता" के कारण तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है. बयान में यह भी कहा गया कि उन्हें पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन उनके कामों से पार्टी को काफी नुकसान हो रहा था.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला पूजा पाल के पति और पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या से जुड़ा है.
- 25 जनवरी 2005 को, पूजा पाल से शादी के कुछ ही दिनों बाद, राजू पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
- हत्या का आरोप गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर लगा. हत्या की वजह राजनीतिक दुश्मनी बताई गई. राजू पाल ने प्रयागराज पश्चिम सीट पर हुए उपचुनाव में अतीक के भाई अशरफ को हरा दिया था.
- इस केस के मुख्य गवाह उमेश पाल की भी फरवरी 2023 में हत्या कर दी गई.
- इसके बाद, पुलिस हिरासत में मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इससे पहले अतीक के बेटे असद को भी एक मुठभेड़ में मार दिया गया था.
इस मामले की जांच CBI ने की और 2024 में एक CBI अदालत ने राजू पाल हत्याकांड में सात लोगों को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया.
संक्षेप में, पूजा पाल सालों से अपने पति के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही थीं. जब उन्होंने इसके लिए योगी आदित्यनाथ को श्रेय दिया, तो उनकी अपनी ही पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. इस घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है.