Rajiv Gandhi Foundation: केंद्र सरकार ने रविवार को गांधी परिवार से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन पर बड़ी कार्रवाई की है. MHA ने राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है. सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाले इस फाउंडेशन को अब विदेश से कोई फंडिंग नहीं मिलेगी. साथ ही अब तक जो पैसे आया है, उसके स्रोत की भी जांच होगी. लाइसेंस कैंसिल करने का नोटिस राजीव गांधी फाउंडेशन के ऑफिस बियरर को भेज दिया गया है. PM Modi Ayodhya Visit: पीएम मोदी के भव्य स्वागत को तैयार अयोध्या, प्रधानमंत्री के लिए बिछाया रेड कार्पेट
गृह मंत्रालय ने ये कार्रवाई फोरगेन कन्ट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (Foreign Contribution (Regulation) Act) के तहत की है. संगठन पर विदेशी फंडिंग कानून के कथित उल्लंघन का आरोप है.
कांग्रेस पार्टी के लिए यह बहुत बड़ा झटका है. Rajiv Gandhi Foundation पर पहली बार 2020 में आरोप लगे थे. कहा गया था कि फाउंडेशन को चीन से 90 लाख रुपए मिले हैं. कानूनों को दरकिनार करते हुए यह फंडिंग की गई थी. इसके बाद गृह मंत्रालय ने जांच शुरू की. अब राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) का एफसीआरए लाइसेंस (FCRA License) रद्द करने का फैसला किया गया है.
गांधी परिवार है ट्रस्टी
बताते चलें कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी RGF की अध्यक्ष हैं. जबकि अन्य ट्रस्टियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं. राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विजन को पूरा करने के लिए साल 1991 में की गई थी. 1991 से 2009 तक फाउंडेशन ने स्वास्थ्य, साक्षरता, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिला और बाल विकास, निःशक्तजनों को सहायता, पंचायती राज संस्थाओं, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, और पुस्तकालयों समेत कई मुद्दों पर काम किया है.
बढ़ जाएंगी मुश्किलें
माना जा रहा है कि इस मामले में कांग्रेस और उसके नेताओं की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। जल्द ही यह केस सीबीआई को सौंप दिया जाएगा. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच शुरू कर सकता है.












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