जयपुर, 30 सितम्बर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास जाते समय रास्ते में गहलोत का मीडिया के कैमरों से सामना हुआ. इस दौरान गहलोत के हाथ में एक कागज था, जिसमें पायलट गुट की 'गुंडागर्दी' का विवरण था, भाजपा के साथ मिलीभगत से लेकर पार्टी छोड़ने तक की कई बातें लिखी हुई थीं. गहलोत ने हाथ से लिखा एक पेपर लिया था, जिसमें माफी के साथ पायलट के खिलाफ आरोप थे. Congress President Election: कांग्रेस के लिए मेरा अपना नजरिया है, मैं पीछे नहीं हटूंगा- शशि थरूर
पेपर में लिखा था- सचिन पायलट पार्टी छोड़ देंगे, इसमें '102 बनाम 18' भी लिखा था, यानी गहलोत को 102 विधायकों का समर्थन है जबकि पायलट के पास केवल 18 विधायक हैं जो उनका समर्थन कर रहे हैं. कागज के ऊपर लिखा था, जो हुआ वह बहुत दुखद है, मैं भी बहुत दुखी और आहत हूं.
कागज में पायलट गुट के खिलाफ आरोपों की एक सीरीज थी. हालांकि, इनमें से आधे पॉइंट ही कैमरे में देखे जा सके क्योंकि बाकी गहलोत के हाथ से कवर थे. गहलोत ने लिखा था, पहला प्रदेश अध्यक्ष, जिन्होंने पद पर रहते हुए बगावत की.'
#कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के बीच पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दस जनपथ पहुंचे। इस मुलाकात से पहले उन्होंने अभी तक की सभी परिस्थितियों पर दस्तावेज तैयार किए हैं उन दस्तावेजों पर लिखा है कि, जो कुछ हुआ बहुत दु:खद है, मैं भी बहुत आहत हूं। https://t.co/980qy5ae6q pic.twitter.com/b1qNlR2XA9
— IANS Hindi (@IANSKhabar) September 29, 2022
पेपर में ये भी लिखा था, हमारे पास 102 विधायक हैं, जबकि पायलट के पास केवल 18 हैं. भाजपा ने विधायकों को 10-50 करोड़ रुपये की पेशकश की. आरोपों में पुष्कर की घटना का भी जिक्र है. पुष्कर में राज्य मंत्री अशोक चंदना पर जूते फेंके गए जबकि पायलट के पक्ष में नारेबाजी की गई.













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