Pawan Singh Withdraws from Bihar Assembly Election 2025: भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार और गायक पवन सिंह ने अपनी राजनीतिक आकांक्षाओं को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है. पत्नी ज्योति सिंह के साथ सार्वजनिक विवाद के बीच, उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट किया कि वह बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. यह घोषणा ठीक उस समय हुई है जब उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात कर अपने साथ हुए "अन्याय" की बात कही, जिससे इस पारिवारिक कलह में एक नया राजनीतिक मोड़ आ गया है.
राजनीतिक गलियारों में वापसी और नया मोड़
हाल ही में पवन सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके भाजपा में एक मजबूत भूमिका निभाने की अटकलें तेज हो गई थीं.
भाजपा में वापसी की कहानी: पवन सिंह पहली बार 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के निर्देश के खिलाफ जाकर उन्होंने काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. इस अनुशासनहीनता के कारण 22 मई, 2024 को भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया.
मैं पवन सिंह अपने भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूँ कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और नाहीं मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है |
मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूँ और रहूँगा। pic.twitter.com/reVNwocoav
— Pawan Singh (@PawanSingh909) October 11, 2025
लेकिन, राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता. 30 सितंबर को बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने पवन सिंह की पार्टी में वापसी कराई. इस वापसी से पहले, तावड़े और भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात कर उनकी सहमति ली. इसके बाद पवन सिंह ने कुशवाहा से आशीर्वाद लिया और फिर गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले. दिल्ली में नेताओं से मिलने के बाद पवन सिंह ने कहा था, "मैं कभी भाजपा से दूर नहीं गया था, बस परिस्थितियां अलग थीं."
शनिवार को अपने ऐलान में पवन सिंह ने कहा, "मैं पवन सिंह अपने भोजपुरिया समाज को बताना चाहता हूं कि मैंने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी जॉइन नहीं की थी. न ही मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है. मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा." इस बयान से उन्होंने साफ कर दिया है कि वह पार्टी के लिए काम करेंगे, लेकिन चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे.
पारिवारिक विवाद: लखनऊ का हाई-वोल्टेज ड्रामा
पवन सिंह की राजनीतिक गतिविधियों के समानांतर उनका निजी जीवन भी सुर्खियों में है. 5 अक्टूबर को उनकी पत्नी ज्योति सिंह लखनऊ स्थित उनके फ्लैट पर पहुंचीं. दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन इसके बाद जो हुआ वह एक हाई-वोल्टेज ड्रामा में बदल गया. पवन सिंह के जाने के बाद पुलिस वहां पहुंची, जिस पर ज्योति सिंह ने एक वीडियो जारी कर रोते हुए कहा:
"नमस्कार, मैं हूं ज्योति सिंह... पवन जी ने हमारे लिए पुलिस थाने में FIR की है और मुझे लेने के लिए पुलिस आई है. मैं इतना परेशान हो चुकी हूं कि जहर खाकर मर जाऊंगी. अब इस घर से मेरी लाश ही निकलेगी."
ज्योति सिंह के गंभीर आरोप: ज्योति ने पवन सिंह पर दो बड़े आरोप लगाए:
- चुनाव में धोखा: उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जब वह पवन सिंह के लिए प्रचार कर रही थीं, उस वक्त पवन किसी दूसरी महिला के साथ होटल में थे. ज्योति के अनुसार, "इसे कोई भी शरीफ महिला बर्दाश्त नहीं करेगी."
- प्रताड़ना: ज्योति ने आरोप लगाया कि जब वह अपने पति के घर पहुंचीं तो उन्हें हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया. उन्होंने सवाल उठाया, "जो अपनी पत्नी के साथ न्याय नहीं कर सकता, वो समाज के साथ क्या न्याय करेगा?"
पवन सिंह का पलटवार
पवन सिंह ने इन आरोपों का पुरजोर खंडन किया है. 8 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, "फैमिली की जो भी बात होती है कमरे में होती है, कैमरे पर नहीं." उन्होंने ज्योति पर चुनाव लड़ने के लिए नाटक करने का आरोप लगाया.
पवन के 3 मुख्य बिंदु:
- उन्होंने ज्योति को सम्मानपूर्वक घर बुलाया और डेढ़ घंटे बात की.
- ज्योति की एकमात्र जिद थी कि उन्हें चुनाव लड़वाया जाए, जो पवन के बस में नहीं है.
- पुलिस उन्होंने नहीं बुलाई थी, बल्कि पुलिस वहां इसलिए मौजूद थी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
पवन ने सवाल उठाया, "ये अपनापन चुनाव से 6 या 4 महीने पहले क्यों नहीं दिखा? ये चुनाव से 1 महीने पहले ही क्यों दिखा? विधायक बनने के लिए आप कितना गिर सकती हो."
रिश्ते का इतिहास और कानूनी लड़ाई
पवन सिंह और ज्योति सिंह का रिश्ता शुरू से ही उतार-चढ़ाव भरा रहा है.
- पहली शादी: पवन की पहली शादी 2014 में नीलम सिंह से हुई थी, जिन्होंने शादी के एक साल बाद ही आत्महत्या कर ली थी.
- दूसरी शादी: 6 मार्च, 2018 को पवन ने उत्तर प्रदेश के बलिया में ज्योति से दूसरी शादी की.
- विवाद की शुरुआत: शादी के कुछ महीनों बाद ही दोनों में अनबन शुरू हो गई. ज्योति ने पवन पर गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए.
- तलाक का मामला: 2021 में पवन सिंह ने आरा के फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी, यह मामला अभी भी लंबित है.
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब ज्योति ने पवन के लिए प्रचार किया, तो लगा कि दोनों के बीच सुलह हो गई है. लेकिन चुनाव खत्म होते ही रिश्ते की कड़वाहट एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है. यह मामला अब निजी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर उलझ गया है, जिसका भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है.













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