शिवसेना का बीजेपी पर तंज- एजेंट पैसे लेकर विधायकों के पीछे घूम रहे थे, मगर कामयाब नहीं हुए
महाराष्ट्र में महज 80 घंटों के अन्दर मंगलवार दोपहर बाद फडणवीस सरकार गिरने के बाद राज्य में जारी सियासी ड्रामा खत्म हो गया है. राज्य में चले इस सियासी ड्रामा को लेकर शिवसेना के सामना संपादकीय में बीजेपी पर हमला किया गया है.
मुंबई: महाराष्ट्र में महज 80 घंटों के अन्दर मंगलवार दोपहर बाद फडणवीस सरकार (Fadnavis Government) गिरने के बाद राज्य में जारी सियासी ड्रामा खत्म हो गया है. अब राज्य में शिवसेना, कांग्रेस-एनसीपी की मदद से एक नई सरकार बनने जा रही हैं. जिसके मुखिया यानी मुख्यमंत्री शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) होंगे. महाराष्ट्र में चले इस सियासी खेल में मिली जीत को लेकर शिवसेना काफी उत्साहित है. पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में इस खेल को लेकर बीजेपी पर हमला किया गया है. लेख में बीजेपी के बारे में पैसों से विधायकों को खरीदने और भ्रष्ट सरकार को विदा करने जैसी कई बातों को लिखी गई हैं.
सामना के संपादकीय में लिखा गया है कि संविधान दिवस के दिन ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला आना और थैलीशाही और दमनशाही की राजनीति करने वालों को झटका लगना, इसे भी एक सुखद संयोग कहा जाएगा. वहीं आगे लिखा गया है कि सत्ताधारियों ने भले ही लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांत का बाजार लगाया हुआ था. इसके बाद भी कोर्ट का फैसला आने के बाद वे ध्वस्त हो गए. यह भी पढ़े: उद्धव ठाकरे बनेंगे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री: जानिए मातोश्री से वर्षा तक का उनका सफर
वहीं एक अन्य पंक्ति में लिखा गया है कि एजेंट पैसों का बैग लेकर विधायकों के पीछे घूम रहे थे. बहुमत खरीदकर राज करने का प्रयास विफल हो गया. लेख में एनसीपी नेता अजित पवार के बारे में लिखा गया है कि जिन अजित पवार के समर्थन से फडणवीस ने सरकार बनाने का दावा किया, उन्होंने पहले ही उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अजीत के साथ 2 विधायक भी नहीं बचे. इस बात का उन्हें विश्वास हो जाने पर देवेंद्र फडणवीस को भी जाना पड़ा. हुआ यह कि भ्रष्ट और गैरकानूनी तरीके से महाराष्ट्र की गर्दन पर बैठी सरकार सिर्फ 72 घंटों में विदा हो गई.
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आने बाद किसी भी पार्टी की सरकार नहीं बनने पर महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 12 नवंबर को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. जिसके बाद शिवसेना, कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने ही वाली थी कि 23 तारीख को सुबह तड़के राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन खत्म कर देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री तो एनसीपी नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 27, 2019 11:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

