Maharashtra: महाराष्ट्र के बाढ़ पीड़ित किसानों को मिलेगा मुआवजा, इस दिन आ सकता पीड़ितों के अकाउंट में निधि, CM ने दी जानकारी
महाराष्ट्र में जोरदार बारिश के कारण बाद जैसे हालात बन गए है और जिसके कारण राज्य के कई जिलों के किसानों की हजारों हेक्टर फसल पूरी तरह से पानी में खराब हो चुकी है. लेकिन सरकार ने उन्हें थोड़ी बहुत राहत देते हुए नुकसानग्रस्त किसानों के लिए 2, 215 करोड़ रूपए की मदद की घोषणा की है.
मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र (Maharashtra) में जोरदार बारिश के कारण बाद जैसे हालात बन गए है और जिसके कारण राज्य के कई जिलों के किसानों की हजारों हेक्टर फसल पूरी तरह से पानी में खराब हो चुकी है. लेकिन सरकार ने उन्हें थोड़ी बहुत राहत देते हुए बाढ़ ग्रस्त किसानों के लिए 2, 215 करोड़ रूपए की मदद की घोषणा की है. ये मदद किसानों (Farmers) के अकाउंट (Account) में कब तक आएगी. इसकी जानकारी राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने दी है. भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने 30 जिलों को प्रभावित किया है. कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई. बैठक में भारी बारिश पर चर्चा हुई.इस बैठक में फसल के हुए नुकसान के लिए 2,215 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है.यह राशि राज्य के 31.64 लाख किसानों के खातों में जमा की जाएगी.
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि किसानों के खातों में मुआवज़े का पैसा कब जमा होगा.किसानों को इस महीने के अंत तक या अक्टूबर के पहले हफ़्ते तक पैसा मिल जाएगा. ये भी पढ़े:VIDEO: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में भारी बारिश से फसलें बर्बाद, किसान ने वीडियो के ज़रिए सरकार से लगाई मदद की गुहार
सभी मंत्रियो को नुकसान प्रभावित इलाकों में दौरा करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और पालकमंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं. धाराशिव (Dharashiv) और बीड (Beed) जिलों में फिलहाल राहत व बचाव कार्य जारी है, जहां मंत्री गिरीश महाजन खुद मौजूद हैं.मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार से भी आर्थिक मदद मांगी गई है, लेकिन जब तक वह मदद नहीं मिलती, राज्य सरकार ने किसानों को तुरंत राहत देने का निर्णय लिया है.
मृतकों और नुकसानग्रस्त परिवारों को सहायता
फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने बताया कि जिन परिवारों में मृत्यु हुई है, घर या मवेशियों का नुकसान हुआ है, उन्हें जिला प्रशासन की ओर से तुरंत सहायता दी जाएगी. वहीं, जिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है, उनके रहने-खाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है.