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लोकसभा चुनाव 2019: पश्चिम बंगाल में हिंसा के बीच 74 प्रतिशत मतदान

संसदीय क्षेत्र के आमडंगा इलाके में एक मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के कथित हमले में सिंह के चेहरे पर चोटें आई।

लोकसभा चुनाव 2019: पश्चिम बंगाल में हिंसा के बीच 74 प्रतिशत मतदान
प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में दो भाजपा उम्मीदवारों पर हमले, डराने-धमकाने के मामले, बम फेंकने की घटनाओं और ईवीएम में खराबी की शिकायतों के बावजूद सोमवार को शाम पांच बजे तक 74 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में पश्चिम बंगाल की सात लोकसभा सीटों पर चुनाव हुए। उलुबेरिया में 77.51 प्रतिशत, बनगांव में 76.18 प्रतिशत, हुगली में 76.14 प्रतिशत, आरामबाग में 75.73 प्रतिशत, श्रीरामपुर में 73.31 प्रतिशत, बैरकपुर में 71.28 प्रतिशत और हावड़ा में 67.59 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

2014 में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस ने इन सातों लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाया था। उत्तर 24 परगना के बैरकपुर में हिंसा की घटना हुई, जहां पूर्व रेल मंत्री और मौजूदा तृणमूल सांसद दिनेश त्रिवेदी अपने पूर्व 'चुनाव-प्रबंधक' अर्जुन सिंह का सामना कर रहे हैं, जो तृणमूल नेतृत्व द्वारा टिकट नहीं मिलने के बाद मार्च में भाजपा में शामिल हो गए थे। यह भी पढ़े-लोकसभा चुनाव 2019: पश्चिम बंगाल में बीजेपी के 2 उम्मीदवारों पर हमला, जांच में जुटी पुलिस

संसदीय क्षेत्र के आमडंगा इलाके में एक मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के कथित हमले में सिंह के चेहरे पर चोटें आई। सिंह के आरोप पर, त्रिवेदी ने कहा, "मीडिया सच्चाई को कैद करेगा और चुनाव आयोग नजर रखेगा। इसके अलावा सिंह एक बाहुबली हैं, उनपर कोई कैसे हमला कर सकता है।"

बाद में वह आमडंगा के तेतुलिया क्षेत्र के मतदाता केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाए, जहां उनके पार्टी एजेंट को कथित रूप से मतदान केंद्र में बैठने की इजाजत नहीं दी गई। इतना ही नहीं तृणमूल समर्थकों के प्रदर्शन के बीच उसे पीटा भी गया।

इसी विधानसभा क्षेत्र में, माकपा के एजेंटों को भी कथित रूप से तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्रों में जाने नहीं दिया। इस घटना में कुछ मीडियाकर्मी घायल हो गए और उनके वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

नैहटी में, सिंह का तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पीछा किया और 'अर्जुन सिह वापस जाओ' के नारे लगाए। उन्हें पता चला था कि कुछ मतदाताओं को कथित रूप से डराया धमकाया जा रहा है, जिसके बाद वह वहां पहुंचे थे।

हुगली लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी लॉकेट चटर्जी ने अपनी कार को क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय बलों को समुचित तरीके से तैनात नहीं किया गया है और क्षेत्र में मतदान केंद्र के अंदर तृणमूल के एजेंट हैं, जबकि उनके पार्टी एजेंटों को मतदान केंद्र में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है।

हालांकि तृणमूल कार्यकर्ताओं और मतदान अधिकारियों ने चटर्जी पर व्यवधान उत्पन्न करने और धानेखाली में 159 मतदान केंद्र पर वोटिंग मशीन को तोड़ने का आरोप लगाया।

बनगांव क्षेत्र के ही गायेशपुर में, केंद्रीय बलों को कुछ मतदान केंद्रों के बाहर भीड़ को तितर-बितर करते देखा गया। यहां केंद्रीय बलों ने स्थानीय लोगों के घरों में छुपने का प्रयास कर रहे बाहरी लोगों को भी पकड़ लिया।

इस बीच, बनगांव संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत हिमली में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों द्वारा बम फेंके जाने की घटना के विरोध में तृणमूल समर्थकों ने एक सड़क को बाधित कर दिया। उन्होंने दावा किया कि एक पुलिस अधिकारी समेत दो व्यक्ति घायल हो गए।

आरामबाग लोकसभा क्षेत्र के तारकेश्वर में एक मतदान केंद्र में, एक स्थानीय तृणमूल नेता को मतदाताओं को प्रभाव में लेने की कोशिश करते और लगातार मतदान केंद्र के अंदर और बाहर जाते देखा गया। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, उस मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी को तत्काल हटा दिया गया।

1.16 करोड़ से अधिक मतदाता, जिनमें 60.04 लाख पुरुष, 56.86 लाख महिलाएं और 211 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं, 13,920 मतदान केंद्रों पर वोट डालकर 83 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। उम्मीदवारों में 70 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं।

(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2019 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).