Delhi 'Sheeshmahal' Row: पत्रकारों को 'शीशमहल' दिखाएगी बीजेपी, केजरीवाल पर लगाया जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप; जानें पूरा मामला (Watch Video)
Photo- @iAtulKrishan1/X

Delhi 'Sheeshmahal' Row: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल के विवादित सरकारी बंगले को लेकर बीजेपी ने अब नया कदम उठाया है. हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ता में लौटने के बाद, बीजेपी ने घोषणा की है कि वह पत्रकारों को 'शीशमहल' के अंदर का दौरा कराएगी. यह बंगला सिविल लाइंस के फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित है, जहां अरविंद केजरीवाल अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल (2015-2024) के दौरान रहते थे.

इस बंगले की भव्य मरम्मत को लेकर पहले भी काफी विवाद हुआ था. चुनाव से पहले बीजेपी ने इसे 'शीशमहल' करार दिया था और केजरीवाल पर जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था.

ये भी पढें: Delhi CM Rekha Gup New Bungalow: ‘शीशमहल’ में रहने से इनकार के बाद सीएम रेखा गुप्ता कहां रहेंगी? नए बंगले के लिए 3 विकल्प आए सामने

पत्रकारों को 'शीशमहल' दिखाएगी बीजेपी

33 करोड़ की लागत से बना आलीशान बंगला

बीजेपी का आरोप है कि इस बंगले के रिनोवेशन पर करीब 33 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें महंगे इंटीरियर, कीमती झूमर, विदेशी टाइल्स, और यहां तक कि जैकुज़ी जैसी सुविधाएं जोड़ी गईं. बीजेपी ने इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में भी जोर-शोर से उठाया था.

पत्रकारों को दिखाया जाएगा अंदर का नजारा

दिल्ली बीजेपी नेता परवेश वर्मा, जिन्होंने हाल ही में अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हराया, उन्होंने मीडिया को बताया कि पत्रकारों को बंगले का दौरा कराकर दिखाया जाएगा कि कैसे जनता के टैक्स के पैसे से यह भव्य परिसर तैयार किया गया. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि चार सरकारी संपत्तियों को मिलाकर इसे 50,000 वर्ग मीटर में फैले एक आलीशान परिसर में तब्दील कर दिया गया.

उन्होंने इस संबंध में उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर इस बंगले के विलय को रद्द करने की मांग भी की है.

नई मुख्यमंत्री ने किया बंगले में रहने से इनकार

दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (BJP) ने इस बंगले में रहने से इनकार कर दिया है और फिलहाल यह तय नहीं है कि इसका भविष्य में क्या उपयोग होगा.

चुनाव में हार के बाद, अब AAP विपक्ष में बैठी है और बीजेपी ने इस मुद्दे को जनता के सामने लाने के लिए 'शीशमहल टूर' की योजना बनाई है. अब देखना यह होगा कि इस दौरे के बाद इस विवाद में क्या नया मोड़ आता है.