पाकिस्तान के खिलाफ कुछ बड़ा होने वाला है? लाल फाइल के साथ अमित शाह और एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति से की मुलाकात

22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से देश भर में एक हलचल मची हुई है. इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए. हमले के बाद से भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई की संभावनाओं की चर्चा तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग यह कयास लगा रहे हैं कि भारत पाकिस्तान से हिसाब चुकता करने की तैयारी कर रहा है.

इन अटकलों को और अधिक बल तब मिला जब गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्रपति भवन में मुलाकात की. यह मुलाकात राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा का विषय बन गई है. दोनों मंत्रियों की राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर लोग यह अंदाजा लगा रहे हैं कि यह मुलाकात किसी बड़े रणनीतिक फैसले का हिस्सा हो सकती है, खासकर पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने की योजना को लेकर.

भारत सरकार के इन उच्च स्तरीय नेताओं की बैठक में सुरक्षा, कूटनीति और आतंकवाद पर चर्चा होने की संभावना है. विशेष रूप से पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने के बाद, देश के भीतर इस बात को लेकर एक व्यापक असंतोष है कि पाकिस्तान को कठोर संदेश भेजने का समय आ चुका है.

भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान को चेतावनी दी है और इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद की कार्रवाई माना है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान से इस आतंकवादी हमले का जवाब देने की बात कही है.

सोशल मीडिया पर लोग इस मुलाकात के बाद कयास लगा रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई या कूटनीतिक कदम उठा सकती है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत की तरफ से पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश देने के लिए की गई है, ताकि भविष्य में ऐसे हमले न हो सकें.

वहीं, पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रतिक्रिया की स्थिति में भारत के पास अपने सभी विकल्प खुले हैं. भारतीय कूटनीति की ओर से इसे भी एक कड़ा संदेश भेजा जा सकता है. पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति में सिंधु जल संधि को निलंबित करने, पाकिस्तानी उच्चायोग से कर्मचारियों की संख्या घटाने, और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ और कड़े कदम उठाने की संभावना जताई जा रही है.

इस मुलाकात के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कुछ बड़ा हो सकता है, यह अनुमान तो अब व्यापक हो चुका है. हालांकि, अब यह देखना होगा कि सरकार की ओर से किस तरह के ठोस कदम उठाए जाते हैं और क्या इस हमले का उचित और प्रभावी जवाब दिया जाता है.

इस बीच, भारत की जनता भी इस हमले के बाद सुरक्षा को लेकर चिंतित है और सरकार से उम्मीद कर रही है कि पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने के खिलाफ एक मजबूत जवाब दिया जाए.