ईरान ने चेताया, कहा सुरक्षाबलों को अमेरिकी सैनिकों का इंतजार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद कलीबाफ ने कहा है कि एक ओर अमेरिका बातचीत का प्रस्ताव दे रहा है और दूसरी ओर जमीनी हमले की योजना बना रहा है.ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर कलीबाफ ने रविवार को आरोप लगाया कि अमेरिका बातचीत का प्रस्ताव देते हुए भी जमीनी हमले की योजना बना रहा है. यह बयान ऐसे समय आया है जब लगभग 3,500 अमेरिकी सैनिकों वाला एक युद्धपोत मध्यपूर्व पहुंच चुका है.

कलीबाफ की टिप्पणी ईरान पर एक महीने से अधिक समय से जारी अमेरिकी और इस्राएली हवाई हमलों के बीच आई है. इस दौरान सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्री भी युद्ध की चर्चा के लिए पाकिस्तान पहुंचे हुए हैं. इनके बीच युद्ध को रोकने के उपायों पर बात हो रही है.

ईरान युद्ध अब अब क्षेत्रीय संकट बन गया है. ईरान ने खाड़ी देशों पर को निशाना बनाया है और अब भी होर्मुज स्ट्रेट बंद है. जिससे ऊर्जा बाजारों में भारी उथल‑पुथल है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है.

डॉनल्ड ट्रंप का उत्तराधिकारी कौन, जेडी वैंस या मार्को रूबियो?

कलीबाफ ने कहा कि "दुश्मन सार्वजनिक रूप से बातचीत के संदेश भेज रहा है, लेकिन गुप्त रूप से जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है.” उन्होंने कहा कि ईरानी सुरक्षाबल, अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर आने का इंतजार कर रहे हैं और ‘एक बार में' उन्हें और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को दंडित करेंगे.

ट्रंप की ओर से सैनिक तैनाती का आदेश नहीं

पानी और जमीन दोनों पर ही आक्रमण करने वाले युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली पर सवार होकर लगभग 3,500 अमेरिकी मरीन और नौसैनिक मध्य-पूर्व में पहुंचे हैं. 'द वॉशिंगटन पोस्ट' अखबार के अनुसार, पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चल सकने वाले जमीनी अभियानों की तैयारी कर रहा है. इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कुछ द्वीपों को निशाना बनाने की योजना भी हो सकती है. हालांकि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अभी तक किसी तैनाती को मंजूरी नहीं दी है.

ईरान का कहना है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘दुश्मन जहाजों' के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया है. यह जलडमरूमध्य पहले दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा संभालता था. डॉनल्ड ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो रही है, मगर ईरान ने इसे खारिज किया है.

‘पूरा तेहरान हिल रहा था'

रविवार सुबह तेहरान में दो धमाकों की आवाज सुनी गई. यह स्पष्ट नहीं है कि निशाना क्या था. कतर के एक चैनल अल-अरबी ने कहा कि इस्राएल ने उस इमारत पर मिसाइल दागी जिसमें उसका दफ्तर है. फुटेज में खिड़कियों के टूटे शीशे और सड़क पर बिखरा मलबा दिखा.

ईरानी नागरिकों ने एएफपी को बताया कि रात के हमले इतने तेज थे कि ऐसा लगा जैसे पूरा तेहरान हिल रहा हो.

खाड़ी में औद्योगिक ठिकानों पर हमले

ईरान ने दावा किया कि उसकी सेनाओं ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में दुनिया की दो बड़ी एल्युमिनियम कंपनियों के कारखानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे. यूएई स्थित ईजीए ने कहा कि छह लोग घायल हुए हैं और संयंत्र को भारी नुकसान पहुंचा है. बहरीन की एलबा कंपनी ने भी कर्मचारियों के घायल होने की पुष्टि की है.

इस बीच यमन के हूथियों ने इस्राएल पर क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का पहला हमला करने का दावा किया है. इन हमलों के बाद लाल सागर तक संघर्ष फैलने की आशंका बढ़ गई है. सऊदी अरब ने होर्मुज क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अपने तेल मार्गों को बदलना शुरू कर दिया है.