Farmers Protest: प्रधानमंत्री मोदी का विपक्ष पर निशाना, कहा-किसानों को गुमराह किया जा रहा है, सरकार दूर करेगी हर शंका
कृषि कानूनों को लेकर घमासान जारी है. किसानों की तरफ से जहां बयानबाजी शुरू हैं वहीं केंद्र की तरफ से भी कोई रास्ता इस मसले को सुलझाने के लिए नहीं निकाला गया है. इसी बीच गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा बयान कृषि कानूनों को लेकर दिया है. कच्छ में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को गुमराह किया जा रहा है. केंद्र सरकार किसनों की हर शंका को दूर करेगी.
नई दिल्ली, 15 दिसंबर. कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) जारी है. किसानों की तरफ से जहां बयानबाजी शुरू हैं वहीं केंद्र की तरफ से भी कोई रास्ता इस मसले को सुलझाने के लिए नहीं निकाला गया है. इसी बीच गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक बड़ा बयान कृषि कानूनों को लेकर दिया है. कच्छ में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को गुमराह किया जा रहा है. केंद्र सरकार किसानों की हर शंका को दूर करेगी.
पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को भ्रमित करने की साजिश चल रही है. उन्हें डराया जा रहा है कि नए कृषि सुधारों के बाद किसानों की जमीन पर दूसरे कब्जा कर लेंगे. आप बताइए, कोई डेयरी वाला आपसे दूध लेने का कॉन्ट्रेक्ट करता है तो वो आपके पशु ले जाता है क्या? मोदी ने कहा कि आज जो लोग विपक्ष में बैठकर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, वो भी अपने समय में इन सुधारों का समर्थन करते रहे हैं. वो किसानों को बस झूठे दिलासे देते रहे. जब देश ने ये कदम उठा लिया तो वो अब किसानों को भ्रमित कर रहे है. यह भी पढ़ें-Farm Laws: नितिन गडकरी ने बताया मोदी सरकार का सपना- इथेनॉल से बने ईंधन पर उड़ेंगे विमान, किसानों की जेब में जाएगा पैसा
ANI का ट्वीट-
The agriculture reforms that have taken place are exactly what farmer bodies and even Opposition have been asking over the years. Government of India is always committed to farmer welfare & we will keep assuring the farmers and addressing their concerns: PM Narendra Modi in Kutch pic.twitter.com/CdzSqFq4NI
— ANI (@ANI) December 15, 2020
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश पूछ रहा है कि अनाज और दाल पैदा करने वाले छोटे किसानों को फसल बेचने की आजादी क्यों नहीं मिलनी चाहिए. कृषि सुधारों की मांग वर्षों सो की जा रही थी. अनेक किसान संगठन भी पहले से मांग करते थे कि अनाज को कहीं भी बेचने का विकल्प दिया जाए.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 15, 2020 04:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

