Waqf Amendment Bill: संसद में आज वक्फ (संशोधन) बिल 2024 पेश किया जाएगा. यह बिल पहले से ही विवादों में घिरा हुआ है. भाजपा (BJP) और एनडीए (NDA) के सहयोगी दल इस बिल के समर्थन में हैं, जबकि विपक्षी पार्टियां इसका कड़ा विरोध कर रही हैं. लोकसभा में इस बिल पर आज, 2 अप्रैल को चर्चा हो रही है. लोकसभा में किसी भी बिल को पास कराने के लिए कम से कम 272 वोट की जरूरत होती है. BJP के 240 सांसद हैं, जबकि JD(U) (12), TDP (16), LJP (RV) (5), RLD (2), और शिवसेना (7) के समर्थन से NDA के पास पर्याप्त संख्या है.
राज्यसभा में इस बिल को पास करने के लिए 119 वोट चाहिए. NDA के पास 125 सांसद हैं, जिससे सरकार को पूरा भरोसा है कि यह बिल पास हो जाएगा.
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वक्फ (संशोधन) बिल 2024 पर घमासान
क्या है वक्फ संशोधन बिल 2024?
सरकार का दावा है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए लाया जा रहा है. इससे धोखाधड़ी और अव्यवस्था खत्म होगी. लेकिन विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला बता रहे हैं.
भाजपा की अगुवाई वाले NDA में JD(U), TDP, LJP (RV), शिवसेना (शिंदे गुट) और NCP (अजित पवार गुट) बिल के समर्थन में हैं. कुछ ईसाई संगठनों ने भी इस बिल का समर्थन किया है.
क्यों हो रहा है इस बिल का विरोध?
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इसे संविधान विरोधी करार देते हुए कहा, "यह बिल वक्फ बिल नहीं, बल्कि वक्फ बर्बाद बिल है. यह अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लंघन करता है." कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दलों ने भी इसका विरोध किया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि JD(U) और TDP जैसी तथाकथित 'सेक्युलर' पार्टियां किस तरफ हैं?
विपक्ष का आरोप है कि यह बिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है.
सरकार का बचाव
भाजपा और सहयोगी दलों का कहना है कि यह बिल वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए लाया गया है. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिल पर 8 घंटे की चर्चा होगी. JD(U) के संजय झा ने कहा कि उनकी पार्टी ने बिल को प्रभावी बनाने के लिए सुधारों की मांग की थी.
TDP के प्रवक्ता प्रेम कुमार जैन ने कहा, "चंद्रबाबू नायडू मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा करेंगे."












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