CM Chandrababu Naidu on Demonetisation: '₹500 के नोट भी बंद कर दो, बस 100-200 के चालू रखो': नोटबंदी पर चंद्रबाबू नायडू का बड़ा बयान
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर देश को भ्रष्टाचार से पूरी तरह से मुक्त करना है, तो सभी बड़े नोट बंद करने होंगे, यहां तक कि 500 रुपये के नोट भी नहीं चलने चाहिए.
CM Chandrababu Naidu on Demonetisation: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर देश को भ्रष्टाचार से पूरी तरह से मुक्त करना है, तो सभी बड़े नोट बंद करने होंगे, यहां तक कि 500 रुपये के नोट भी नहीं चलने चाहिए. केवल 100 और 200 रुपये के नोट ही चलने चाहिए. जब तक बड़े नोट चलन में रहेंगे, भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा. गौरतलब है कि नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद करके देश में नोटबंदी लागू की थी, जिसका मकसद काले धन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना था.
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'हिंदी विवाद' पर भी बोले चंद्रबाबू
दक्षिण भारत में हिंदी थोपने को लेकर विवादों के बीच चंद्रबाबू नायडू ने संतुलित राय दी. उन्होंने कहा, “मातृभाषा बहुत जरूरी है, उस पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए. तमिल, तेलुगु और कन्नड़ जैसी भाषाएं अपनी जगह हैं, लेकिन अगर हम हिंदी भी सीख लें तो उत्तर भारतीयों से बेहतर संवाद कर सकते हैं. इसमें कोई बुराई नहीं है.”
फ्रीबी कल्चर पर नायडू की राय
मुफ्त योजनाओं (Freebie) पर सवाल पूछे जाने पर नायडू ने कहा कि इसे 'फ्रीबी' कहना गलत है. उन्होंने कहा, “पहले इतना वेलफेयर नहीं था. एनटीआर (पूर्व मुख्यमंत्री एन. टी. रामाराव) ने कई योजनाएं शुरू की थीं, तभी से वेलफेयर की शुरुआत हुई. अब देश में संपत्ति बन रही है, लेकिन अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ रही है. इसलिए वेलफेयर होना जरूरी है, लेकिन इसका वितरण प्रभावी और सार्थक होना चाहिए.”
जाति जनगणना या स्किल जनगणना?
इस सवाल पर नायडू ने साफ तौर पर कहा कि दोनों जरूरी हैं. उन्होंने कहा, “हर नागरिक के लिए जाति जनगणना, स्किल जनगणना और आर्थिक जनगणना एक साथ होनी चाहिए. आज के दौर में डेटा बहुत ताकतवर है, इसके जरिए पब्लिक पॉलिसी को बेहतर बनाया जा सकता है.”
बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल ही में देशभर में जाति जनगणना कराने की मंजूरी दी है, जो अगले जनगणना सर्वे के दौरान की जाएगी. अभी तक बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों ने अपने-अपने स्तर पर जाति जनगणना की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2025 09:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

