छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018: मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भरा जीत का दम, कहा- राहुल गांधी के वादे का कोई असर नहीं होगा
छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होगा. 12 नवंबर को पहले चरण में छत्तीसगढ़ विधानसभा की 18 सीटों पर मतदान होगा जिनमें सिंह का राजनंदगांव निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल है जबकि राज्य में शेष 72 सीटों पर 20 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा. सभी 90 सीटों पर मतगणना 11 दिसंबर को होगी
रायपुर: चौथी बार छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री चुने जाने का भरोसा जता रहे रमन सिंह ने कहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों पर राज्य विधानसभा चुनाव का कुछ असर पड़ सकता है लेकिन इसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए किसी जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. पिछले 15 साल से छत्तीसगढ़ की कुर्सी पर काबिज सिंह ने इन संभावनाओं को खारिज किया कि राज्य में कृषि कर्ज माफी के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वादे का आगामी विधानसभा चुनावों पर कोई असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यहां किसानों को पहले ही शून्य ब्याज दर पर कर्ज दिया गया है.
अस्सी के दशक में राजनीति में आने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर रहे 66 वर्षीय सिंह ने एक साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा से कहा कि उनकी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में जो काम किया है उसके और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राज्य में ‘‘सत्ता के पक्ष में’’ लहर है.
विपक्षी पार्टियों का कहना है कि लगातार तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे सिंह के खिलाफ जोरदार सत्ता विरोधी लहर है.
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छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होगा. 12 नवंबर को पहले चरण में छत्तीसगढ़ विधानसभा की 18 सीटों पर मतदान होगा जिनमें सिंह का राजनंदगांव निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल है जबकि राज्य में शेष 72 सीटों पर 20 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा. सभी 90 सीटों पर मतगणना 11 दिसंबर को होगी. उसी दिन चार अन्य राज्यों मध्य प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और मिजोरम में मतदान होगा.
भाजपा की जीत पर भरोसा जताते हुए सिंह ने कहा कि राज्य के चुनावों का अगले साल के लोकसभा चुनाव पर ‘‘थोड़ा असर’’ पड़ सकता है.
साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के चुनावों को मोदी सरकार के जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखना जाना चाहिए. नक्सल हिंसा को लेकर विपक्षी नेता अपनी चुनावी रैलियों में रमन सिंह सरकार पर सुरक्षा के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं. सिंह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के लिए गुस्सा अब भी है और अगर वह फिर से सत्ता में आते हैं तो क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2018 03:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

