TMC MP Kirti Azad : संसद के भीतर कथित तौर पर (E-Cigarette) इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है.बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आज़ाद (MP Kirti Azad) पर सदन की कार्यवाही के दौरान (Vaping) करने का आरोप लगाया है. इस मामले का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है.
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख (BJP IT Cell Head) अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर एक वीडियो (Video)साझा किया है. वीडियो में TMC सांसद कीर्ति आज़ाद को कथित तौर पर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है. मालवीय ने इस कृत्य को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया. ये भी पढ़े:‘TMC के सांसद लगतार पी रहे हैं!’ अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में ममता पार्टी के सांसद के E-Cigarette पीने का किया खुलासा
अमित मालवीय ने लगाया आरोप
The TMC MP accused by BJP MP Anurag Thakur of vaping inside Parliament is none other than Kirti Azad. For people like him, rules and laws clearly hold no meaning. Just imagine the audacity, hiding an e-cigarette in his palm while in the House!
Smoking may not be illegal, but… pic.twitter.com/kZGnYcP0Iu
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 17, 2025
‘नियमों की कोई परवाह नहीं’
अमित मालवीय ने कहा कि “इस तरह की हरकत से साफ होता है कि कुछ नेताओं के लिए नियम और कानून कोई मायने नहीं रखते. उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख (Mamata Banerjee) से इस कथित अनुशासनहीनता पर जवाब देने की मांग की.
पहले भी उठ चुका है मामला
इससे पहले बीजेपी सांसद (Anurag Thakur) ने 12 दिसंबर को लोकसभा अध्यक्ष (Om Birla) को पत्र लिखकर TMC के एक सांसद पर सदन के भीतर ई-सिगरेट इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. उस समय उन्होंने नाम नहीं लिया था, लेकिन अब सामने आए वीडियो के बाद बीजेपी ने सीधे कीर्ति आज़ाद को निशाने पर लिया है.
भारत में ई-सिगरेट पर है प्रतिबंध
गौरतलब है कि भारत में (E-Cigarettes Ban in India) के तहत कुछ साल पहले ही ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है. ऐसे में संसद के भीतर इसके इस्तेमाल का आरोप कानून और संसदीय मर्यादा दोनों पर सवाल खड़े करता है.
कार्रवाई की मांग
अनुराग ठाकुर ने अपने पत्र में कहा कि सदन के भीतर प्रतिबंधित वस्तु का खुला इस्तेमाल (Parliamentary Decorum) का उल्लंघन है. उन्होंने मामले की जांच और संबंधित सांसद के खिलाफ (Disciplinary Action) लेने की मांग की है.
कीर्ति आज़ाद ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कीर्ति आज़ाद ने कहा कि बिना सबूत के आरोप लगाना गलत है. उन्होंने दावा किया कि संसद में हर शिकायत को नियमों के तहत साबित करना जरूरी होता है और बीजेपी सांसद ने सदन का समय बर्बाद किया है.
जांच के बाद तय होगा अगला कदम
फिलहाल यह मामला लोकसभा अध्यक्ष के संज्ञान में है. आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और संसदीय प्रक्रिया के आधार पर तय की जाएगी.













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