Bihar Assembly Elections 2020: तेजस्वी यादव का एनडीए पर कड़ा प्रहार, कहा- बिहार के 7 करोड़ युवाओं का वर्तमान और भविष्य सब कर दिया बर्बाद
बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रीय है और कोई भी मुद्दा हाथ से जाने नहीं दे रहे हैं. यही कारण है कि बिहार विधानसभा (Bihar Vidhansabha) में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए पर जमकर निशाना साधा है.
पटना: बिहार (Bihar) में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रीय है और कोई भी मुद्दा हाथ से जाने नहीं दे रहे हैं. यही कारण है कि बिहार विधानसभा (Bihar Vidhansabha) में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बेरोजगारी (Unemployment) के मुद्दे पर बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है. साथ ही नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार पर बिहार के 7 करोड़ युवाओं का वर्तमान और भविष्य सब बर्बाद करने का आरोप लगाया है.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर कहा “बिहार के 7 करोड़ युवाओं का वर्तमान और भविष्य बर्बाद करने वाली 15 वर्षों की नीतीश सरकार बेरोजगारी, ग़रीबी और पलायन पर विमर्श क्यों नहीं करना चाहती? मुख्यमंत्री जी, एनडीए अब जात-पात और धर्म के नाम पर युवाओं को गुमराह नहीं कर सकती. युवा वर्ग जाग चुका है. #राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस” Bihar Assembly Elections 2020: RJD में घमासान, वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने दिया इस्तीफा तो लालू यादव ने कहा ‘आप कहीं नहीं जा रहे हैं’
बिहार के 7 करोड़ युवाओं का वर्तमान और भविष्य बर्बाद करने वाली 15 वर्षों की नीतीश सरकार बेरोजगारी, ग़रीबी और पलायन पर विमर्श क्यों नहीं करना चाहती? मुख्यमंत्री जी, NDA अब जात-पात और धर्म के नाम पर युवाओं को गुमराह नहीं कर सकती। युवा वर्ग जाग चुका है। #राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस pic.twitter.com/yMi1yhEJta
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 17, 2020
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कुछ दिनों में होने की उम्मीद है. हालांकि चुनाव आयोग ने इस संबंध में कोई घोषणा अब तक नहीं की है. लेकिन इस्ससे पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल उन चुनावी मुद्दों की तलाश में जुटे हुए हैं जो उन्हें बिहार की सत्ता के करीब पहुंचाने में मदद कर सके.
पॉलिटिकल पंडितों की मानें तो बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में आम लोग क्षेत्रीय समस्याओं को ही अधिकतर तवज्जो देते है. हालांकि राजनीतिक दल अपनी-अपनी सुविधा के हिसाब से मतदाताओं को आकर्षित करने के जुगाड़ में लगे हुए हैं. वैसे बिहार में जातीय समीकरण के आधार पर जोड़-तोड की राजनीति भी आम बात है.
पिछले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विकास के मुद्दे पर चुनावी मैदान में उतरा था, लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा सामने नहीं था. इस बार राजग नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर चुकी है. हालांकि अबकी बार का विधानसभा चुनाव पिछले चुनाव से थोडा अलग भी है. जेडीयू एक बार फिर एनडीए में शामिल हो गई है वहीं राष्ट्रीय लेाक समता पार्टी (रालोसपा) विपक्षी दलों के महागठबंधन में कांग्रेस और आरजेडी के साथ खड़ी है. बहरहाल, साल के आखिरी महीनों में होने वाले चुनाव में मतदाताओं पर किसका जादू चला, यह नतीजों से ही समझा जा सकेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2020 11:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

