भारत बंद: कांग्रेस ने कहा नहीं होगी कोई हिंसा, अब तक मिला 21 पार्टियों का समर्थन
देशभर में प्रतिदिन बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद का ऐलान किया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक़ यह बंद हिंसा मुक्त होगा.
नई दिल्ली: देशभर में प्रतिदिन बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद का ऐलान किया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक़ यह बंद हिंसा मुक्त होगा. भारत बंद से पहले दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि इस बंद में 21 पार्टियां शामिल होंगी. बता दें कि लेफ्ट पार्टियां, डीएमके और एमएनएस ने पहले ही कांग्रेस के भारत बंद का समर्थन किया है.
कांग्रेस के पूर्व सांसद अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद बुलाया है. पार्टी ने बंद पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और रुपये में गिरावट के खिलाफ बुलाया है. रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माकन ने कहा कि बंद में किसी भी तरह की हिंसा नहीं होगी. माकन ने व्यापारियों से भी बंद को सफल बनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है और आम आदमी को कोई तकलीफ न होने पाए. कांग्रेस का यह बंद बंद सुबह 9 बजे से दिन में तीन बजे तक होगा. यह भी पढ़ें- भारत बंद: कांग्रेस को मिला राज ठाकरे की पार्टी MNS का साथ, वाम दल करेंगे राष्ट्रीय हड़ताल
बंद में शामिल होंगी 21 पार्टियां
अजय माकन ने बताया कि कांग्रेस को इस देशव्यापी बंद में 21 राजनीतिक दल शामिल होंगे, जो बंद को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे. उन्होंने सभी विपक्षी दलों से इस बंद को सफल बनाने के लिए अपना समर्थन देने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह बंद कांग्रेस का नहीं बल्कि सभी दलों का है. माकन के मुताबिक कांग्रेस के इस भारत बंद को कई चैंबर ऑफ कॉमर्स, ट्रेडर्स एसोसिएशंस और कई राज्यों के स्कूलों ने अपना समर्थन दिया है. यह भी पढ़ें- पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम और कमजोर होते रुपये से बिगड़ेगा आपके घर का बजट, ये चीजें हो सकती हैं महंगी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि 'भारत बंद' के लिए समाजवादी पार्टी , बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जनता दल सेक्युलर, राष्ट्रीय लोकदल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और कई अन्य दल समर्थन कर रहे हैं.
बता दें कि एक ओर जहां पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ रही है तो वहीं रुपये भी डॉलर के मुकाबले हर नए दिन के साथ निचले स्तर पर गिरता जा रहा है. जिसका सीधा-सीधा असर आम आदमी की जेब पड़ रहा है. सितंबर के दुसरे हफ्ते तक कई घरेलु वस्तुओं के मंहगे होने के आसार है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2018 04:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

